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63 लाख टन चावल से बनेगा एथेनॉल! क्या कच्चे तेल से सस्ता है यह तरीका?
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नई दिल्ली: राज्यसभा में सरकार ने जानकारी दी कि पिछले वित्त वर्ष में 63 लाख टन चावल एथेनॉल उत्पादन के लिए उपलब्ध कराया गया। सरकार का कहना है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम का उद्देश्य कच्चे तेल पर भारत की निर्भरता कम करना, विदेशी मुद्रा की बचत करना और किसानों को अतिरिक्त बाजार उपलब्ध कराना है।
मिली जानकारी के अनुसार, 1 लीटर एथेनॉल बनाने में लगभग 2.25 से 2.5 किलोग्राम चावल की आवश्यकता होती है। इसकी अनुमानित उत्पादन लागत ₹55–₹64 प्रति लीटर बताई गई है। वहीं, कच्चे तेल से पेट्रोल तैयार करने की रिफाइनरी लागत लगभग ₹45–₹55 प्रति लीटर मानी जाती है। हालांकि, यह केवल उत्पादन/रिफाइनिंग लागत की तुलना है; अंतिम ईंधन कीमत में टैक्स, परिवहन, ब्लेंडिंग और अन्य खर्च भी शामिल होते हैं।
सरकार का कहना है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, पेट्रोल आयात पर निर्भरता घटेगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं, इस मुद्दे पर खाद्य सुरक्षा और चावल के उपयोग को लेकर भी अलग-अलग विशेषज्ञ अपनी राय दे रहे हैं।
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