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आसमान छूने की कोई सीमा नहीं होती!आज भारत की पहली महिला विमान चालक, अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प की प्रतिमूर्ति सरला ठकराल जी की जयंती है। सन् 1936 में, जब महिलाओं के लिए घर की चारदीवारी से बाहर निकलना भी एक चुनौती था, तब मात्र 21 वर्ष की आयु में उन्होंने साड़ी पहनकर 'जिप्सी मॉथ' विमान उड़ाया और इतिहास रच दिया। लाहौर फ्लाइंग क्लब से 1,000 से अधिक घंटे उड़ान भरकर 'A' लाइसेंस प्राप्त करने वाली वे पहली भारतीय महिला थीं。सिर्फ एक कुशल पायलट ही नहीं, जीवन के मुश्किल थपेड़ों के बाद भी उन्होंने खुद को एक सफल उद्यमी, चित्रकार और टेक्सटाइल डिजाइनर के रूप में स्थापित किया। उनकी यह ऐतिहासिक उड़ान आज भी देश की हर बेटी को अपने सपनों को पंख देने और आसमान से आगे सोचने की प्रेरणा देती है।भारत की इस महान बेटी और विमानन क्षेत्र की पथप्रदर्शक को उनकी जयंती पर शत-शत नमन! 🙏

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