15 horas - Traducciones

भरत तिवारी मामले में नया मोड़ सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता संजीव कुमार ने मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। अधिवक्ता का दावा है कि भरत तिवारी की ह/त्या कथित तौर पर 1,400 करोड़ रुपये के घोटाले को दबाने के लिए रची गई एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी।

अधिवक्ता के मुताबिक, भरत तिवारी ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था, इसके बावजूद उन्हें अलग-अलग पुलिसकर्मियों के हथियारों से गोलियां मारे जाने का आरोप है। उन्होंने पोस्टमार्टम, बैलिस्टिक और सुपरविजन रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि पांचों गोलियां अलग-अलग समय पर चलाई गई थीं।

आरोप के अनुसार, भरत तिवारी को पहले गंभीर रूप से घायल किया गया और बाद में गाड़ी के अंदर बेहद करीब से गोली मारी गई। अधिवक्ता का दावा है कि इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य कथित तौर पर भरत तिवारी को जीवित बचने से रोकना और उनके पास मौजूद जानकारी को सामने आने से रोकना था।

मामले में तत्कालीन अधिकारियों और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग को लेकर अर्जी दाखिल किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल आरोप और दावे हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में वास्तविक तथ्य और अंतिम जिम्मेदारी न्यायिक प्रक्रिया एवं अदालत के अंतिम फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।

#bharattiwari #encountercase #biharnews #bhojpur #justiceforbharattiwari

image