क्या सरकारी अस्पतालों में आम इंसान की जिंदगी की कोई कीमत नहीं बची है? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो सिस्टम के मुंह पर एक बहुत बड़ा तमाचा है। अस्पताल जैसी जगह, जहां इंसान जिंदगी की उम्मीद लेकर जाता है, वहां का यह नजारा देखकर किसी का भी खून खौल उठेगा।

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ड्यूटी पर बैठा एक कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी भूलकर फोन पर वीडियो कॉल में मस्त है। सामने खिड़की के बाहर लाचार और परेशान लोग खड़े हैं। बताया जा रहा है कि एक गर्भवती महिला दर्द से तड़प रही थी, लेकिन इस कर्मचारी के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। उसे मरीज की जान से ज्यादा अपनी वीडियो कॉल जरूरी लगी। यह सिर्फ एक कर्मचारी की लापरवाही नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

गरीब और आम आदमी सरकारी अस्पताल इसलिए जाता है क्योंकि उसके पास प्राइवेट अस्पतालों का भारी-भरकम बिल चुकाने के पैसे नहीं होते। लेकिन वहां उसे इलाज की जगह ऐसा अपमान और लापरवाही मिलती है। क्या सरकार ऐसे कर्मचारियों को सिर्फ इसलिए तनख्वाह देती है कि वे ड्यूटी के समय बेबस जनता को नजरअंदाज करके अपना मनोरंजन करें? ऐसे लापरवाह लोगों पर तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी कर्मचारी जिंदगी से खिलवाड़ न कर सके।

सिस्टम की इस बेशर्मी को देखकर आपका क्या सोचना है? क्या आपने भी कभी किसी सरकारी अस्पताल में ऐसी लापरवाही या बदसलूकी का सामना किया है? अपने विचार और अनुभव हमारे साथ कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें।

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