हवा में अचानक 300 फीट नीचे गिरा Air India का विमान ! ऑटोपायलट हुआ डिस्कनेक्ट, एक साथ 3 हाइड्रोलिक फेलियर से मचा हड़कंपइस घटना में 17 यात्री और क्रू सदस्य घायल हुए। विमान को बाद में सुरक्षित तरीके से दिल्ली में उतार लिया गया।
अब इस मामले की जांच में विमान से जुड़ी कई तकनीकी गड़बड़ियों की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के दौरान ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट हो गया था, जिसके बाद को-पायलट ने विमान को मैनुअली संभाला। इसके तुरंत बाद फ्लाइट-कंट्रोल से जुड़ा स्टॉल मैसेज भी सामने आया। विमान में कई इंडिकेटर स्विच भी कुछ समय के लिए बंद हुए और इसी दौरान तकनीकी समस्याओं के साथ तेज हवा/टर्बुलेंस का सामना हुआ।
सबसे चौंकाने वाली जानकारी विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम को लेकर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार विमान में तीन हाइड्रोलिक सिस्टम से जुड़ी गड़बड़ियां हुईं। ये सिस्टम विमान के कई महत्वपूर्ण फंक्शंस, जिसमें फ्लाइट कंट्रोल भी शामिल हैं, के लिए बेहद अहम होते हैं। अब जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि इन तकनीकी गड़बड़ियों और अचानक 300 फीट नीचे जाने के बीच क्या संबंध था।
फ्लाइट में उस समय 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य सवार थे। अचानक विमान के नीचे की तरफ जाने से केबिन में अफरा-तफरी मच गई और कुछ यात्री अपनी सीटों सेउछलकर ऊपर या गलियारे की तरफ जा गिरे। कुल 17 लोगों को चोट लगने की जानकारी सामने आई है, जिनमें चार क्रू सदस्य भी शामिल हैं। कुछ लोगों को गर्दन और रीढ़ से जुड़ी चोटों के कारण अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए DGCA ने इसे 'सीरियस इंसिडेंट' के तौर पर वर्गीकृत किया है और Aircraft Accident Investigation Bureau यानी AAIB इसकी जांच कर रहा है। जांच में विमान के फ्लाइट डेटा, कॉकपिट रिकॉर्डिंग और तकनीकी सिस्टम की जानकारी को देखा जाएगा। Airbus के विशेषज्ञ और फ्रांस की विमान दुर्घटना जांच एजेंसी BEA भी भारतीय जांच टीम की मदद करेंगे।
इस घटना के बाद पायलटों की अनिवार्य जांच भी चर्चा में आई है। DGCA के अनुसार पायलट-इन-कमांड के शुरुआती स्क्रीनिंग टेस्ट का परिणाम ऐसा आया जिसे आगे जांच की जरूरत थी। उसका सैंपल कन्फर्मेटरी टेस्ट के लिए भेजा गया है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। शुरुआती स्क्रीनिंग अपने आप में किसी नशीले पदार्थ के सेवन की पुष्टि नहीं करती। फिलहाल दोनों पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है। अब जांच में सबसे बड़ा सवाल यही है कि 300 फीट की अचानक गिरावट

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