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कहाँ जाये कहाँ ऊपने, कहाँ लड़ाये लाड।
का जाने केहि खाड में, जाय पड़ेंगे हाड।।
महान स्वतंत्रता सेनानी एवं प्रसिद्ध राजस्थानी कवि श्री केसरी सिंह बारहठ जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।
कोटि-कोटि नमन!

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