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हरिद्वार से उठाई कांवड़, भोलेनाथ से मांगी पढ़ाई की मन्नत… DM ने बदल दी चार बच्चों की जिंदगी 🙏

हरिद्वार से कांवड़ लेकर मथुरा पहुंचे चार बच्चों की एक ऐसी कहानी सामने आई, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। आर्थिक तंगी और माता-पिता के दिव्यांग होने के कारण इन बच्चों की पढ़ाई रुक गई थी। पढ़ाई दोबारा शुरू होने की उम्मीद लेकर चारों बच्चों ने भगवान शिव से मदद की गुहार लगाई और 30 जुलाई को हरिद्वार से कांवड़ यात्रा शुरू की।

बच्चों की अपनी पढ़ाई जारी रखने की इच्छा और उनकी परेशानी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मामला मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह तक पहुंचा। DM ने तुरंत मामले का संज्ञान लेते हुए चारों बच्चों को कलेक्ट्रेट बुलाया और स्कूल प्रबंधन से बात कर उनकी फीस माफ कराने की व्यवस्था कराई।

इतना ही नहीं, प्रशासन की ओर से बच्चों को स्कूल ड्रेस, बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्टेशनरी भी उपलब्ध कराई गई, ताकि आर्थिक परेशानी उनकी पढ़ाई के रास्ते में दोबारा बाधा न बने।

बच्चों की आगे की पढ़ाई और जरूरतों की जिम्मेदारी छाता के SDM अखिलेश कुमार ने ली है। वहीं, प्रशासन ने उनके दिव्यांग माता-पिता को दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कराई है।

जिस भरोसे के साथ चारों बच्चे भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने कांवड़ यात्रा पर निकले थे, उनकी मन्नत पूरी होने के साथ अब उनके लिए पढ़ाई और बेहतर भविष्य की राह भी खुल गई है। आस्था के साथ प्रशासन की संवेदनशील पहल ने चार बच्चों के जीवन में नई उम्मीद जगा दी। हर हर महादेव! 🙏🕉️

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