यह कहानी है मेजर आदित्य प्रताप सिंह, SC, SM की—जिन्होंने 5 जुलाई 2025 को भारत-म्यांमार सीमा के बेहद कठिन और घने जंगल वाले इलाके में अपनी टीम का नेतृत्व किया।
सुबह करीब 4:45 बजे उनकी पेट्रोलिंग टीम पर उग्रवादियों ने अचानक भारी ऑटोमैटिक फायर और ग्रेनेड से हमला कर दिया।
अपने स्काउट को खतरे में देखकर मेजर आदित्य ने बिजली की तेजी से उसे कवर में खींच लिया। इसी दौरान दुश्मन की गोली उनके बैकपैक को छूकर निकल गई।
लेकिन उन्होंने पीछे हटना स्वीकार नहीं किया। 🇮🇳
पीठ पर गोलियों के टुकड़े लगने के बावजूद वे रेंगते हुए दुश्मन के ठिकाने तक पहुंचे और साहस व अदम्य वीरता का परिचय देते हुए उसके टॉप कमांडर को ढेर कर दिया।