दिव्यांगता को मात देकर झील की सफाई का बीड़ा उठाया, राजप्पन जी की कहानी दिल छू लेगी
केरल के कोट्टायम के एन. एस. राजप्पन ने साबित किया कि अगर इरादा मजबूत हो, तो शारीरिक चुनौतियां भी इंसान के हौसले को नहीं रोक सकतीं।
बचपन में पोलियो के कारण उनके दोनों पैर प्रभावित हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने वेम्बनाड झील को प्लास्टिक और कचरे से मुक्त करने का संकल्प लिया।
राजप्पन छोटी नाव के सहारे झील में जाते और घंटों पानी में तैरती प्लास्टिक की बोतलें व अन्य कचरा इकट्ठा करते। जमा किए गए प्लास्टिक को रीसाइक्लिंग के लिए बेचकर वह अपनी आजीविका में भी मदद करते थे।
उनके पर्यावरण प्रेम की चर्चा देशभर में हुई। जनवरी 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में उनके प्रयासों की सराहना की। बाद में उनकी कहानी से प्रभावित होकर ताइवान की एक संस्था ने उन्हें इलेक्ट्रिक बोट भी भेंट की।
राजप्पन जी की कहानी सिर्फ सफाई की कहानी नहीं है—यह बताती है कि बदलाव लाने के लिए बड़ी ताकत नहीं, बड़ा संकल्प चाहिए। ❤️🌱
#nsrajappan #vembanadlake #kerala #environmentalhero #cleanindia #naturelovers #inspiringindia #humanity #disabilityawareness #unsunghero #motivation #viralpost #india #thecaringcurve