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❤️ कद सिर्फ 3 फीट, लेकिन हौसला इतना बड़ा कि सर्कस का ऑफर ठुकराकर बन गए डॉक्टर!

गुजरात के भावनगर के डॉ. गणेश बरैया की जिंदगी इस बात की मिसाल है कि किसी इंसान की पहचान उसकी शारीरिक परिस्थितियों से नहीं, बल्कि उसके हौसले और मेहनत से होती है।

बताया जाता है कि बचपन में उनकी शारीरिक स्थिति देखकर सर्कस से जुड़े लोगों ने उनके पिता को उन्हें अपने साथ ले जाने के लिए पैसे देने की पेशकश की थी। लेकिन पिता ने साफ कहा कि उनका बेटा पढ़ेगा। यही विश्वास गणेश के लिए जिंदगीभर की ताकत बन गया।

2018 में NEET पास करने के बाद उनकी शारीरिक बनावट को लेकर MBBS में दाखिले के रास्ते में अड़चन आई। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय कानूनी लड़ाई लड़ी और आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद मेडिकल की पढ़ाई का रास्ता साफ हुआ।

उन्होंने भावनगर मेडिकल कॉलेज से MBBS और इंटर्नशिप पूरी की और आज डॉक्टर के रूप में मरीजों की सेवा कर रहे हैं। 🩺❤️

अब उनकी प्रेरणादायक कहानी ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के मंच तक भी पहुंची, जहां उन्होंने अपने संघर्ष की कहानी साझा की।

डॉ. गणेश बरैया की जिंदगी एक खूबसूरत संदेश देती है—
सपनों की ऊंचाई शरीर की लंबाई से नहीं, इंसान के हौसले से तय होती है। 🙏

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