6 часы - перевести

फरीदाबाद के निजी अस्पताल के बाहर बैठा यह मासूम बार-बार मोर्चरी के गेट की तरफ देख रहा था।
उसकी आँखों में बस एक ही उम्मीद थी—मम्मी अभी आएंगी और उसे अपने सीने से लगा लेंगी।
कुछ देर पहले तक वह अपनी माँ को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आया था। लेकिन अस्पताल में अचानक सब कुछ बदल गया।
स्टाफ ने मासूम को संभालने के लिए उसे टॉफी, चॉकलेट और कोल्ड ड्रिंक दी। उससे कहा गया कि “मम्मी को ऊपर इलाज के लिए ले गए हैं… मामा जी भी आपके लिए चॉकलेट लेने गए हैं।”
मासूम को क्या पता था कि उसे बहलाने के लिए कही जा रही ये बातें उसकी माँ की सच्चाई उससे छिपा रही थीं।
वह काफी देर तक इंतज़ार करता रहा। हर बार दरवाजे की तरफ देखता… शायद उसे लगता था कि अभी माँ बाहर आएंगी।
लेकिन जैसे ही स्टॉफ ने सच्चाई बताई तो मासूम की उम्मीद टूट गई… और वह फूट-फूटकर रो पड़ा। 😢
बताया जा रहा है कि बच्चे के पिता करीब दो साल पहले ही उसकी माँ को छोड़कर चले गए थे। अब माँ के चले जाने के बाद यह बच्चा बिल्कुल अकेला पड़ गया है।
जिस माँ को वह इलाज के लिए अस्पताल लेकर आया था, उसी माँ के जाने की खबर ने उसकी पूरी दुनिया उजाड़ दी।
माँ का जाना सिर्फ एक इंसान का जाना नहीं होता… एक बच्चे के लिए तो उसकी पूरी दुनिया चली जाती है।😭
😒 हे भगवान, इस मासूम को अब जिंदगी में कभी माँ की कमी का दर्द महसूस न हो… इसकी रक्षा करना प्रभु। 🙏💔
💯आपके हिसाब से ऐसे मासूम बच्चे की जिम्मेदारी किसे उठानी चाहिए—परिवार, सरकार या समाज? 💔
⚠️ डिस्क्लेमर: यह पोस्ट उपलब्ध जानकारी और वायरल रिपोर्ट के आधार पर साझा की गई है। भावनात्मक उद्देश्य से किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना मकसद नहीं है। वास्तविक तथ्यों की पुष्टि संबंधित स्रोतों से करें।
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