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मेजर ध्यानचंद विशेष: उसी मैदान से निकली हॉकी की जादुई कहानी, जहां ‘दद्दा’ ने खेल को बनाया अपना दोस्त
झांसी।राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आज मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस पर आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के साथ ही मन में हॉकी के जादूगर की स्मृतियों से जुड़े कुछ अनछुए पहलुओं को शब्द देने की इच्छा हुई। इसी सिलसिले में हॉकी के महानायक मेजर ध्यानचंद के ओलंपियन एवं विश्व विजेता स्वर्ण पदक से सुशोभित पुत्र अशोक कुमार से बातचीत करने के लिए उनके ऐतिहासिक हीरोज क्लब मैदान पहुंचा।
इसी दौरान अनायास ही मन में दद्दा की प्रतिमा को कैमरे में कैद करने की जिज्ञासा हुई। कैमरा क्लिक हुआ तो सामने आया दृश्य केवल एक तस्वीर नहीं, बल्कि हॉकी के स्वर्णिम इतिहास की जीवंत कहानी बन गया।

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