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Success Story: 'ताने नहीं, गर्व की वजह बनूं', इसलिए UPSC चुना, KBC में ₹1Cr विजेता IPS मोहिता शर्मा की कहानी
IPS Mohita Sharma Success Story: माता-पिता की इकलौती संतान होने की वजह से लोग ताने देते थे। लेकिन मोहिता शर्मा ने ठान लिया था कि वे अपने पेरेंट्स के लिए एक दिन गर्व की वजह बनेंगी। कई मुश्किलें आईं, फिर भी वे अपने अटूट हौसले के साथ डटकर खड़ी रहीं और 4 बार असफलताओं के बाद 5वीं बार में यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जाम क्रैक करके IPS ऑफिसर बनी थीं। इसके बाद, KBC में 1 करोड़ रुपये जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचयKBC 1 Crore Winner: अगर आपका लक्ष्य साफ है और उसे पाने की इच्छाशक्ति दृढ़ है, तो समाज के ताने आपकी राह का रोड़ा नहीं बन सकते हैं। IPS ऑफिसर मोहिता शर्मा की सक्सेस स्टोरी इसका सबसे अच्छा उदाहरण है। जिन्होंने ठान लिया था कि वे माता-पिता के लिए ताने की वजह नहीं, बल्कि गर्व की वजह बनेंगी। कई मुश्किलें आईं, कई बार निराशा हुई, गलतियों से सीखा, लेकिन कभी हार नहीं मानी। इसीलिए उनकी सफलता देश की अनगिनत बेटियों के लिए मिसाल से कम नहीं है।मोहिता शर्मा मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा की रहने वाली हैं। लेकिन उनका जन्म दिल्ली में हुआ है। उनके पिता मारुति उद्योग लिमिटेड से रिटार्ड हैं, जबकि मां होम मेकर हैं। मोहिता की स्कूलिंग DPS द्वारका से हुई है। वे पढ़ाई में बचपन से होशियार रही हैं। 10वीं बोर्ड रिजल्ट में उनके 92.20% नंबर और 12वीं में 90.70% नंबर आए थे।अपने माता-पिता की इकलौती संतान होने की वजह से मोहिता और उनके परिवार को कई तरह के सामाजिक ताने और रूढ़िवादिता का सामना करना पड़ता था। उन्होंने बचपन से ही अपने मां-बाप के त्याग को देखा और मन में यह संकल्प लिया कि वह कुछ ऐसा बड़ा करेंगी जिससे उनके माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा हो सके।
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'मैंने मन में ठान लिया था कि मैं अपने माता-पिता को गर्व करने का मौका दूंगी, ताकि मेरे जन्म के समय से ही उन्हें जो ताने सुनने पड़ रहे थे, उनके सामने वे हमेशा गर्व से सिर उठाकर जी सकें।'12वीं में 90.70% अंक प्राप्त करने की वजह मोहिता को भारती विद्यापीठ कॉलेज में आसानी से एडमिशन मिल गया। उन्होंने साल 2012 में इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। लेकिन इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने देश सेवा को चुना। कॉलेज से निकलते ही उन्होंने कॉम्पिटेटिव एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी।

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