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आधुनिक हिंदी साहित्य के ‘पितामह’, महान नाटककार भारतेन्दु हरिश्चंद्र की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।

उन्होंने अपनी प्रखर लेखनी से न केवल हिंदी भाषा को समृद्ध किया, बल्कि भारतीय जनमानस में राष्ट्रीय चेतना और मातृभाषा के प्रति स्वाभिमान की नई अलख जगाई।

उनका व्यक्तित्व-कृतित्व हमें अपनी भाषाओं, संस्कृति और राष्ट्रीय अस्मिता की रक्षा की प्रेरणा देता रहेगा।

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