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मुश्किल हालात के बावजूद सैनिक का हौसला नहीं टूटा। उन्होंने बताया कि देश और तिरंगे के प्रति उनका सम्मान और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना रहा। कठिन समय में उनके लिए “जय हिंद” सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि हिम्मत और उम्मीद का सहारा था।

एक सैनिक की यह पी*ड़ा याद दिलाती है कि सीमा पर सं*घर्ष की कीमत सिर्फ मोर्चे पर नहीं, बल्कि सैनिकों के जीवन पर भी पड़ती है। हि*रा*सत में रखे गए हर व्यक्ति के साथ मानवीय और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप व्यवहार होना चाहिए।

देश के लिए खड़े रहने वाले हर जवान को सलाम। 🇮🇳🙏

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