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भक्ति भी, सेवा भी और अपनों का स्नेह भी…
शंकर सत्संग भवन में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व के समापन समारोह में सम्मिलित होकर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में सहभागी बनने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ।
इस पावन अवसर पर सिन्धी समाज के पुरोहित एवं पूज्य महन्त श्री जयप्रकाश शर्मा जी का स्नेह एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
जन्माष्टमी के इस पावन उत्सव में पधारे श्रद्धालुजनों की सेवा करना मेरे लिए केवल दायित्व नहीं, बल्कि अपने ही परिवार के बीच सेवा करने जैसा आत्मिक आनंद रहा।
जनप्रतिनिधि के रूप में मेरा सदैव यही प्रयास रहता है कि सुख हो या उत्सव, समस्या हो या आवश्यकता—मैं अपने क्षेत्रवासियों के साथ, उनके बीच और उनके सुख-दुःख में सदैव उपस्थित रहूं।
काशी की यही आत्मीयता, यही संस्कार और यही सेवा-भाव हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।
भगवान श्रीकृष्ण सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और हम सभी को निरंतर समाज एवं राष्ट्र की सेवा करने की शक्ति प्रदान करें।
जय श्रीकृष्ण! 🙏

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