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कानपुर के सरकारी अस्पताल में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर की पोस्ट पर तैनात डॉ. रामकेश कोर्ट में पेशी पर गए थे। ऐसे में उनका ड्राइवर मरीजों को दवा लिखने बैठ गया।
ड्राइवर ने पहले OPD में डॉक्टर के बगल कुर्सी लगाई। फिर एक-एक कर मरीजों को बुलाने लगा। ड्राइवर ने मरीजों ने से बीमारी के बारे में पूछा। फिर पर्चे पर दवा लिखी। मरीजों ने उससे पूछा कि क्या दवा अस्पताल में मिलेगी? इस पर ड्राइवर ने कहा कि नहीं, दवा बाहर मिलेगी।
सोमवार को हुई इस घटना का वीडियो बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे सामने आया। इसके बाद CMS डॉ. पीयूष मिश्रा ने डॉ. रामकेश से जवाब मांगा। साथ ही चेतावनी दी कि दोबारा ऐसा किया तो FIR कराई जाएगी।
कांशीराम अस्पताल के CMS डॉ. पीयूष मिश्रा ने बताया- सोमवार शाम को वीडियो के बारे में मुझे पता चला था। इसके बाद मंगलवार सुबह अस्पताल में चेकिंग कराई गई, लेकिन वहां कोई बाहरी व्यक्ति नहीं मिला। डॉ. रामकेश से भी इस मामले में पूछताछ की गई। डॉक्टर ने बताया कि वह कोर्ट एविडेंस में गए थे। उस दौरान जो व्यक्ति दवा लिख रहा था, वह शायद उनका ड्राइवर देव था।
CMS डॉ. पीयूष मिश्रा ने कहा कि डॉ. रामकेश इस मामले में अपना स्पष्टीकरण दें। स्पष्टीकरण नहीं देने पर उनके खिलाफ FIR कराई जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दोबारा डॉक्टर की जगह पर कोई बाहरी व्यक्ति अस्पताल या OPD में मरीजों को दवा लिखते मिला, तो डॉक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। शासन को पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी।

सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की जगह ड्राइवर के मरीजों को दवा लिखने का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन के रवैए पर सवाल उठ रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि मरीज इलाज के लिए डॉक्टर पर भरोसा करते हैं। ऐसे में किसी बाहरी व्यक्ति के दवा लिखने पर जान भी जा सकती है।
अब जांच और डॉक्टर के जवाब के बाद ही साफ होगा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वास्तव में ड्राइवर देव है या नहीं। उसे मरीजों को दवा लिखने की इजाजत किसने दी थी?

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