2 saat - çevirmek

योगी आयेगा या जाएगा, इससे उसको फर्क नही पड़ेगा लेकिन तुम्हारी बिटिया स्कूल जाकर वापस आ पाएगी की नही सोचना तुम्हें है।

बहुत जल्द तुम लोग भूल जाते हो 2017 से पहले का उत्तर-प्रदेश जहां हाइवे से खींच कर मां और बेटी का एक साथ बला'त्कार किया था, कोई सुनवाई नहीं होती थी,, पूछना प्रयागराज में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से अतीक अहमद का आतंक आज भी जिसे सुनाने से उनकी रूह कांप जाती है, पूछना कैसे अशरफ रातों को किसी के घर में घुस कर उनकी लड़कियां उठा ले जाता था वो वेबस परिवार सिर्फ रात भर भगवान से ये मनाता था कि बस सुबह तक उसकी बच्ची घर वापस आ जाए, भगवान के अलावा वो कहते भी किससे, उस पुलिस से जिनको अतीक उन्हीं के थाने में बंद करके बाहर से ताला मार देता था या उस जजों से डर के मारे अतीक के केश की सुनवाई तक नही करते थे,, अपने जातिगत स्वार्थ के लिए इतने अंधे ना बनो की सत्य तुम्हे दिखाई ही ना दे,, बहुत सबकी जाति के गुंडे बाहुबली और माफिया हुआ करते थे, किसी एक का नाम बता दो जो तुम्हें बचाने के लिए अतीक से लड़ा हो, अरे लड़ने की बात छोड़ो उसका नाम सुनते ही तुम्हारे बाहुबलियों को लैट्रिन लग जाती थी,, बहुत मेहनत से एक व्यक्ति ने नया उत्तर-प्रदेश बनाया है उसे बने रहने दो,, नही तो फिर कोई अतीक, आजम और मुख्तार वही करेंगे जो 2017 से पहले करते थे।

एक बार फिर ऊपर लिखी लाइन दोहरा रहा हूं..

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