1 d - Vertalen

यह कानून की कमजोरी है जब समाज को न्याय नहीं मिलता तो किसी न किसी को तो प्रतिकार करना पड़ता है
विनय न मानत जलधि जड़ गए तीनि दिन बीति।
बोले राम सकोप तब भय बिनु होइ न प्रीति ॥"
अर्थः तीन दिन तक प्रार्थना करने के बाद भी जब समुद्र ने रास्ता नहीं दिया, तब श्री राम ने क्रोध में कहा कि बिना भय के प्रीति (प्रेम या सम्मान) उत्पन्न नहीं होती।
सज्जनता का अर्थ कमजोरी नहीं है। जीवन में कई बार अपनी बात मनवाने या न्याय पाने के लिए कड़ा रुख अपनाना भी आवश्यक हो जाता है।
बालासाहेब ठाकरे कहते ते की न्याय अगर मांगने से नही मिलता है तो न्याय छीन कर लेना चाहिए.....
जय श्री राम जय हनुमान

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