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जम्मू कश्मीर के बडगाम में मा@रा गया आ@तंकी हासिम मू@सा पाकिस्तानी सेना का रिटायर्ड एसएसजी क@मांडो था। वह पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की सुरक्षा में भी तैनात रहा चुका है। पाक आर्मी से रिटायर होने के बाद उसने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ज्वाइन किया था।जम्मू-कश्मीर के बडगाम ए@नकाउंटर में

सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली। सुरक्षा बलों ने एक साहसिक अभियान में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के फील्ड कमांडर आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को मा@र गिराया। वह पाकिस्तान का रहनेवाला था। हाशिम मूसा ने जम्मू-कश्मीर में कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था। 2023 में पाक आर्मी से रिटायर होने के बाद लश्कर में हुआ शामिल

हाशिम मूसा के बारे में कई चौं@काने वाली जानकारियां सामने आई हैं। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, मूसा पाकिस्तान की स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) का पूर्व कमांडो था और पाकिस्तानी सेना में हवलदार के पद पर तैनात रहा था। वह करीब 23 साल तक SSG में सर्विस दे चुका था और 2023 में रिटायर होने के बाद लश्कर-ए-तैयबा में शामिल होकर जम्मू-कश्मीर में घु@सपैठ कर आया था।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का रहनेवाला मूसा

मूसा को 'मूसा फौजी' या 'आसिफ फौजी' के नाम से भी जाना जाता था। यह भी पता चला कि वह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अटक जिले के नसीराबाद इलाके के ढोक मलियार गांव का रहने वाला था। बाद में वह रावलपिंडी में रहने लगा। मूसा फौजी 2006 से 2008 के बीच पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की प्राइवेट सुरक्षा टीम का हिस्सा भी रहा था। पिछले तीन सालों में, उसने पीर पंजाल रेंज के दोनों तरफ बेस बनाए और बड़े ऑपरेशन किए। बाद में उसने सेंट्रल कश्मीर के बडगाम, गंदेरबल और युसमर्ग इलाकों पर अपना फोकस किया। मूसा सिक्योरिटी फोर्स पर कई हमलों में शामिल था, जिसमें ज़ोजिला टनल हमला और गुलमर्ग हमला शामिल है।

डेरा गली के रास्ते घु@सपैठ कर कश्मीर में आया

22 सितंबर, 2023 को डेरा गली के रास्ते भारत में घु@सपैठ करने से पहले, वह पाकिस्तान के रावलपिंडी के न्यू चक्र इलाके में मोहल्ला कोहि कॉलोनी में रहता था। अधिकारियों के मुताबिक, मूसा 2024 की शुरुआत में तीन ह@मलों में सीधे तौर पर शामिल था, जिससे इस इलाके में उसकी पहचान एक बड़े आ@तंकवादी के तौर पर बन गई।

पहला हमला 4 अगस्त, 2023 को कुलगाम-पुंछ बॉर्डर पर हलान गांव में हुआ था। गोलीबारी में सेना के तीन जवान गं@भीर रूप से घा@यल हो गए और बाद में अस्पताल में उनकी मौ@त हो गई।

दूसरा हमला 21 दिसंबर, 2023 को पुंछ के देहरा की गली में हुआ। इस हमले में चार जवान शहीद हो गए और तीन अन्य घा@यल हो गए। तीसरा हमला 4 मई, 2024 को पुंछ के शास्त्रीर में IAF के काफिले पर घा@त लगाकर किया गया। इसमें IAF का एक कॉर्पोरल मारा गया और चार अन् एयर वॉरियर्स को गोली लगी। उसने अपना चौथा हमला 24 अक्टूबर, 2024 को गुलमर्ग के बूटा पथरी में एक कैंप पर किया। ह@मले में चार लोग मा@रे गए थे, इनमें दो भारतीय सेना के जवान और दो आम नागरिक पोर्टर शामिल थे।

पहलगाम हमले में शामिल आ@तंकी मूसा के ग्रुप के थे

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहलगाम आ@तंकी हमले में शामिल सभी आ@तंकी मूसा ग्रुप के साथ थे। इसका खु@लासा तब हुआ जब पहलगाम आ@तंकी हमले में शामिल सभी आ@तंकियों की तस्वीरें एक साथ दिखी गईं थीं, जिसमें मूसा भी था। ऐसे में यह साफ हो रहा है कि पहलगाम आ@तंकी हमले में मूसा का कनेक्शन रहा होगा।

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