7 uur - Vertalen

"वह लोग जो दूसरों के लिए अच्छा करते हैं, वह कभी भी आत्म सम्मान और दुरूपयोग के बारे में नहीं सोचते हैं।"
आधुनिक भारत के पुनर्जागरण के अग्रदूत, सत्य, स्वाधर्म और स्वराज के महान प्रवक्ता परम पूज्य महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन अर्पित करता हूँ।
स्वामी जी ने अंधविश्वास, रूढ़िवाद और सामाजिक विषमताओं के विरुद्ध जो संघर्ष किया, उसने भारत को एक नई चेतना प्रदान की। राष्ट्र के उत्थान और समाज के नव निर्माण हेतु आपका समर्पण सदा प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

image