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दीवाली का त्योहार तो एक ही है, लेकिन बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु या देश के किसी भी कोने में रहने वाले लोगों से पूछिए कि उन्हें दीवाली की कौन-सी बात सबसे ज्यादा याद आती है, तो हर किसी का जवाब अलग होगा।
किसी के लिए यह छोटा-सा घरौंदा बनाने की खुशी है, तो किसी के लिए खांड के खिलौने, मिट्टी का छोटा किला, कौणारिया काठी की चटकती आवाज़ या मोहल्ले में ऊंची खड़ी नरकासुर की मूर्ति।
इन छोटी-छोटी चीज़ों, घर में बनने वाले पकवानों और सालों पुरानी परंपराओं में छिपी हैं वो यादें, जो दीवाली को अपने घर जैसा एहसास कराती हैं।
शायद यही तो इस त्योहार की सबसे खूबसूरत बात है। इतने अलग-अलग रंगों और संस्कृतियों वाले देश में हम भले ही दीवाली एक ही तरीके से न मनाते हों, लेकिन हर इलाके की अपनी कुछ खास बातें हैं, जो उसे सबसे अलग बनाती हैं।
हमने देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी ही कुछ अनोखी परंपराओं को एक साथ लाने की कोशिश की है। लेकिन हमें यकीन है कि अभी भी बहुत कुछ है, जो हमसे छूट गया होगा!
आपके इलाके की ऐसी कौन-सी छोटी-सी चीज़, परंपरा या खास मिठाई है, जिसे देखते ही आपको दीवाली की याद आ जाती है? हमें कमेंट्स में जरूर बताइए। हम भी आपके इलाके की इन खास परंपराओं के बारे में जानना चाहेंगे!
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