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युद्धों में मिसाइलें चलें तो खामोशी, दिवाली पर पटाखे जलें तो पर्यावरण की चिंता!
पॉलिटिकल कमेंटेटर मयंक नाथ ने रूस-यूक्रेन, इजरायल-हमास और अमेरिका-ईरान संघर्षों का हवाला देते हुए पर्यावरण को लेकर दोहरे मापदंड पर सवाल उठाए।
उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि दिवाली आते ही ग्लोबल वार्मिंग, कुत्तों के तनाव और प्रदूषण की चिंता अचानक इतनी क्यों बढ़ जाती है?
मयंक नाथ का सवाल—पर्यावरण की चिंता सबके लिए है या सिर्फ हिंदू त्योहारों के लिए?

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