आखिर #पंजाब के इस #बादल (#ढिल्लों_जाट) परिवार को पूरे भारत में कोई एक भी शाही जाट परिवार नहीं मिला, जिसके साथ अपनी बेटी का रिश्ता कर सकते थे? क्या जाट समाज में अच्छे और सम्मानित और शाही परिवार की कोई कमी थी, जो #डोगरा परिवार को ही चुना गया?
आज तस्वीरें देखकर दोनों परिवारों के बीच शारीरिक बनावट का अंतर साफ नजर आता है। आखिर समाज को इस सवाल पर विचार क्यों नहीं करना चाहिए?
जट समाज के सम्मान, पहचान और अस्तित्व को लेकर सवाल उठाना गलत नहीं है।
जय जट्ट पुरख।