3 ore - Tradurre

इस बच्ची की आंखों में छिपी झिझक और अपने फटे हुए कपड़ों को समेटने की यह कोशिश हम सभी के लिए एक आईना है। हम जिस दुनिया में बड़ी बड़ी सुविधाओं की बात करते हैं वहां आज भी कई बचपन बुनियादी जरूरतों और सम्मान के लिए तरस रहे हैं। यह दृश्य बताता है कि स्वाभिमान किसी उम्र या अमीरी का मोहताज नहीं होता।