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कंगनी अनाज जिसे हम पहाड़ों में कौणी या कौंणी कहते हैं । यह पहाड़ों की पारंपरिक फसल भी है ।वर्तमान में पलायन की मार झेल रहे पहाड़ो में कौंणी लगभग विलुप्त सी हो गई है। इसका वानस्पतिक नाम Setarika italics है। यह पोएसी कुल का पौधा है। कंगनी चीन में मुख्यतः उगाई जाने वाली फसल है। इसलिए “चीनी बाजरा” भी कहा जाता है। यह पूर्वी एशिया में अधिक उगाई जाने वाली फसल है। इसका उपयोग एक घास के रूप में भी होता है।
कौणी या कंगनी प्रतिवर्ष होने वाली फसल है। इसका पौधा लगभग 7 फ़ीट ऊँचा होता है । इनके छोटे छोटे बीज होते हैं । जिन पर बारीक छिलके होते हैं। झंगोरा अनाज की तरह इनके कई पकवान बनते हैं। इसकी रोटियां, खीर, भात, इडली, दलिया, मिठाई बिस्किट आदि बनाये जाते हैं।

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