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₹4,400 करोड़ की लागत से बन रहा रामवन गमन मार्ग सवालों के घेरे में!
उत्तर प्रदेश में अयोध्या से जुड़े महत्वाकांक्षी रामवन गमन मार्ग की एक तस्वीर सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्ग का एक हिस्सा उद्घाटन से पहले ही धंस गया, जिसके बाद सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, गुणवत्ता और काम की निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
इतनी बड़ी लागत से तैयार हो रहे इस महत्वपूर्ण मार्ग का उद्देश्य धार्मिक और पर्यटन स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ना है। ऐसे में निर्माण पूरा होने से पहले ही सड़क का धंसना गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर सड़क उद्घाटन से पहले ही इस तरह क्षतिग्रस्त हो गई, तो निर्माण के दौरान गुणवत्ता की जांच और निगरानी किस स्तर पर हुई? संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि सड़क धंसने की असली वजह क्या है और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
जनता के पैसों से बन रही हजारों करोड़ की परियोजना में मजबूती और गुणवत्ता सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। राम के नाम से जुड़ा मार्ग सिर्फ दिखने में नहीं, बल्कि निर्माण में भी मजबूत होना चाहिए। 🙏🚩
छोटी उम्र, बड़ा दिल! ❤️🙏
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के छह वर्षीय अरबाज शेख ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसे देखकर हर किसी का दिल भावुक हो जाए। नेपाल में आई बाढ़ और भूस्खलन की तस्वीरें जब अरबाज ने टीवी और यूट्यूब पर देखीं, तो मासूम मन उन लोगों की तकलीफ देखकर परेशान हो उठा।
अरबाज ने फैसला किया कि वह अपनी तरफ से आपदा प्रभावित लोगों की मदद करेंगे। उन्होंने अपनी पूरी गुल्लक की बचत जरूरतमंदों के लिए दान करने का संकल्प लिया। यह वही पैसे थे, जिन्हें वह एक साल से अधिक समय से अपने जेब खर्च, उपहार और चॉकलेट के लिए मिलने वाली रकम में से बचा रहे थे।
अपने माता-पिता के साथ अरबाज जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और अपनी बचत डीएम महेंद्र सिंह तंवर को सौंप दी। इतनी छोटी उम्र में दूसरों के दर्द को समझना और अपनी जमा पूंजी मदद के लिए दे देना वाकई दिल छू लेने वाली बात है।
अरबाज ने साबित कर दिया कि मदद करने के लिए उम्र या दौलत नहीं, बस एक नेक दिल चाहिए। उनकी यह मासूम पहल समाज के लिए एक खूबसूरत संदेश है कि इंसानियत की कोई उम्र नहीं होती। ❤️🇮🇳🙏
बच्चों के भविष्य के लिए स्कूलों में मोबाइल पर लग सकती है रोक! 📱🚫
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत पर जोर दिया है। गुजरात में 12वीं कक्षा तक के स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों पर मोबाइल का बढ़ता इस्तेमाल चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध होना चाहिए। भले ही इस फैसले से कुछ वोट कम हो जाएं, लेकिन बच्चों के हित में राज्य सरकार को इस दिशा में कदम उठाना चाहिए।
उनका कहना है कि कई मा@मलों में बच्चे माता-पिता के सो जाने के बाद देर रात तक मोबाइल देखते रहते हैं। इसका असर उनकी नींद, स्वास्थ्य, पढ़ाई और एकाग्रता पर पड़ रहा है।
बच्चों के हाथ में मोबाइल से ज्यादा जरूरी उनके हाथ में किताब और आंखों में बेहतर भविष्य है। अब जरूरत है कि सरकार, स्कूल और अभिभावक मिलकर बच्चों को मोबाइल की लत से बचाने के लिए जिम्मेदारी से कदम उठाएं।
नीब करौरी बाबा की जीवन यात्रा पर बनी ‘हनुमान अंश’
नीब करौरी बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ के कलाकार लखनऊ में विधायक रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) के आवास पर पहुंचे। इस दौरान राजा भैया ने कलाकारों के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं और लोगों से फिल्म को सिनेमाघरों में देखने की अपील की।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 2.5 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने अब तक लगभग 80 करोड़ रुपये की कमाई की है।
वहीं, रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ सिनेमाघर में यह फिल्म देखने वाले हैं। इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी फिल्म देख चुके हैं। उत्तराखंड में इस फिल्म को टैक्स फ्री किया गया है।
फिल्म ‘हनुमान अंश’ नीब करौरी बाबा के शुरुआती जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित है। बाबा के भक्त उन्हें हनुमान जी का अवतार मानते हैं।
फिल्म की कमाई और नेताओं द्वारा इसे देखे जाने के बाद ‘हनुमान अंश’ लगातार चर्चा में बनी हुई है।