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🌸 परमार्थ निकेतन@Parmarth Niketan के दिव्य प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन 🌸
💥 पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में पूज्य भाई श्री जी के श्रीमुख से प्रवाहित ज्ञान गंगा
✨ “ईशावास्यमिदं सर्वम्” के दिव्य सूत्र के साथ मानवता के लिए जागरण का आह्वान
ऋषिकेश, 5 मई। परमार्थ निकेतन के दिव्य प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में पूज्य भाई श्री जी के श्रीमुख से प्रवाहित कथा को प्रकृति और पर्यावरण को समर्पित किया गया।
🌺 श्रीमद्भागवत कथा — आत्मिक जागरण का दिव्य माध्यम
पूज्य स्वामी जी ने अपने संदेश में कहा कि जीवन केवल भौतिक उपलब्धियों का नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति का पथ है। आज के विज्ञान और तकनीक से भरपूर युग में भी मनुष्य के भीतर अशांति, तनाव और अकेलापन बढ़ रहा है। ऐसे समय में भागवत कथा हमें अपने भीतर के आनंद से पुनः जुड़ने का मार्ग दिखाती है।
🌱 प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता — हमारी संस्कृति का मूल
कथा के दूसरे दिन को पर्यावरण संरक्षण को समर्पित करते हुए संदेश दिया गया कि प्रकृति केवल संसाधन नहीं, हमारी माता है। नदियों का प्रदूषण और धरती का संकट हमें चेतावनी दे रहा है कि अब समय संतुलन का है।
✨ “प्रकृति से जो लें, उसे लौटाएँ” — यही सनातन का संदेश है।
🌿 यूज एंड थ्रो नहीं, यूज एंड ग्रो का संकल्प
पूज्य स्वामी जी ने रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर हरित कथा का संदेश दिया—
एक पौधा केवल वृक्ष नहीं, बल्कि भविष्य की सांस है।
एक बचाई गई बूंद, आने वाली पीढ़ियों का जीवन है।

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🌸 परमार्थ निकेतन@Parmarth Niketan के दिव्य प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन 🌸
💥 पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में पूज्य भाई श्री जी के श्रीमुख से प्रवाहित ज्ञान गंगा
✨ “ईशावास्यमिदं सर्वम्” के दिव्य सूत्र के साथ मानवता के लिए जागरण का आह्वान
ऋषिकेश, 5 मई। परमार्थ निकेतन के दिव्य प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में पूज्य भाई श्री जी के श्रीमुख से प्रवाहित कथा को प्रकृति और पर्यावरण को समर्पित किया गया।
🌺 श्रीमद्भागवत कथा — आत्मिक जागरण का दिव्य माध्यम
पूज्य स्वामी जी ने अपने संदेश में कहा कि जीवन केवल भौतिक उपलब्धियों का नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति का पथ है। आज के विज्ञान और तकनीक से भरपूर युग में भी मनुष्य के भीतर अशांति, तनाव और अकेलापन बढ़ रहा है। ऐसे समय में भागवत कथा हमें अपने भीतर के आनंद से पुनः जुड़ने का मार्ग दिखाती है।
🌱 प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता — हमारी संस्कृति का मूल
कथा के दूसरे दिन को पर्यावरण संरक्षण को समर्पित करते हुए संदेश दिया गया कि प्रकृति केवल संसाधन नहीं, हमारी माता है। नदियों का प्रदूषण और धरती का संकट हमें चेतावनी दे रहा है कि अब समय संतुलन का है।
✨ “प्रकृति से जो लें, उसे लौटाएँ” — यही सनातन का संदेश है।
🌿 यूज एंड थ्रो नहीं, यूज एंड ग्रो का संकल्प
पूज्य स्वामी जी ने रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर हरित कथा का संदेश दिया—
एक पौधा केवल वृक्ष नहीं, बल्कि भविष्य की सांस है।
एक बचाई गई बूंद, आने वाली पीढ़ियों का जीवन है।

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🌸 परमार्थ निकेतन@Parmarth Niketan के दिव्य प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन 🌸
💥 पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में पूज्य भाई श्री जी के श्रीमुख से प्रवाहित ज्ञान गंगा
✨ “ईशावास्यमिदं सर्वम्” के दिव्य सूत्र के साथ मानवता के लिए जागरण का आह्वान
ऋषिकेश, 5 मई। परमार्थ निकेतन के दिव्य प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में पूज्य भाई श्री जी के श्रीमुख से प्रवाहित कथा को प्रकृति और पर्यावरण को समर्पित किया गया।
🌺 श्रीमद्भागवत कथा — आत्मिक जागरण का दिव्य माध्यम
पूज्य स्वामी जी ने अपने संदेश में कहा कि जीवन केवल भौतिक उपलब्धियों का नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति का पथ है। आज के विज्ञान और तकनीक से भरपूर युग में भी मनुष्य के भीतर अशांति, तनाव और अकेलापन बढ़ रहा है। ऐसे समय में भागवत कथा हमें अपने भीतर के आनंद से पुनः जुड़ने का मार्ग दिखाती है।
🌱 प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता — हमारी संस्कृति का मूल
कथा के दूसरे दिन को पर्यावरण संरक्षण को समर्पित करते हुए संदेश दिया गया कि प्रकृति केवल संसाधन नहीं, हमारी माता है। नदियों का प्रदूषण और धरती का संकट हमें चेतावनी दे रहा है कि अब समय संतुलन का है।
✨ “प्रकृति से जो लें, उसे लौटाएँ” — यही सनातन का संदेश है।
🌿 यूज एंड थ्रो नहीं, यूज एंड ग्रो का संकल्प
पूज्य स्वामी जी ने रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर हरित कथा का संदेश दिया—
एक पौधा केवल वृक्ष नहीं, बल्कि भविष्य की सांस है।
एक बचाई गई बूंद, आने वाली पीढ़ियों का जीवन है।

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What Employers Need to Know About European Notice Laws
European labor laws include strict notice period requirements for employers. Learn how businesses stay compliant while managing resignations, dismissals, and employee transitions across European markets successfully.
https://www.firm-nl.com/blog/n....otice-period-laws-eu

Why Employers Expanding To Europe Struggle With Notice Period Laws
www.firm-nl.com

Why Employers Expanding To Europe Struggle With Notice Period Laws

Learn how notice period laws in Europe impact hiring, termination, and workforce planning, and how businesses can manage them effectively.
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परंपरा, अनुशासन और शौर्य का अद्भुत संगम - चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी

टिकट बुक करने के लिए QR स्कैन करें या visit.rashtrapatibhavan.gov.in वेबसाइट पर विजिट करें।

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अंबेडकर जयंती पर करोड़ों लुटाने वाली सरकार ने महाराणा प्रताप जयंती के लिए क्या किया ? ये सवाल सवर्णों को पूछना चाहिए?

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Why Men Are Choosing Laser Hair Removal as a Lifestyle Upgrade?

https://drharorswellness.blogs....pot.com/2026/05/why-

#laserhairremovalasalifestyleupgrade #laserhairremovaltreatment #bestlaserhairremovalclinicindelhi #laserhairremovalprocedure #permanenthairreductiontreatment #laserhairremovalforunwantedhair #skinspecialistindelhi

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Hon’ble Vice President Shri C. P. Radhakrishnan attended the banquet hosted by Hon’ble President Smt. Droupadi Murmu in honour of the President of Vietnam, H.E. Mr. To Lam at Rashtrapati Bhavan today.

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Hon’ble Vice President Shri C. P. Radhakrishnan attended the banquet hosted by Hon’ble President Smt. Droupadi Murmu in honour of the President of Vietnam, H.E. Mr. To Lam at Rashtrapati Bhavan today.

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