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सरकारी बैठकों में बदलेगा नाश्ते का मेन्यू!
महाराष्ट्र के सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों की बैठकों, ट्रेनिंग, कॉन्फ्रेंस, सरकारी कार्यक्रमों और कैंटीन में अब समोसा-पकौड़े जैसे ऑयली स्नैक्स की जगह हेल्दी और पौष्टिक भोजन को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस पहल पर जोर दिया गया। नए हेल्दी मेन्यू में मौसमी फल, केला, सेब, अमरूद, पपीता, उबले अंडे, उबली दालें, पोहा और इडली-सांभर जैसे विकल्प शामिल किए जाएंगे।
इस फैसले को आईएएस तुकाराम मुंढे की फूड सेफ्टी ड्राइव से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
अब सरकारी बैठकों में स्वाद के साथ सेहत पर भी जोर रहेगा।
#maharashtra #tukarammundhe
स्वरा भास्कर ने दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘पद्मावत’ में दिखाए गए जौहर के दृश्य पर सवाल उठाते हुए इसकी प्रस्तुति की आलोचना की थी। उनका कहना था कि ब@ला@त्का@र जैसी हिं@सा को महिला के जीवन और सम्मान का अंत मानने वाली सोच पर सवाल उठना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई ब@ला@त्का@र पी@ड़िता या सर्वाइवर यह फिल्म देखे, तो उसे ऐसा महसूस नहीं होना चाहिए कि उसने अपनी ‘इज्जत’ बचाने के लिए आ@त्म@ह@त्या नहीं की, इसलिए वह कायर है।
स्वरा की आ@पत्ति मूल रूप से उस संदेश को लेकर थी, जो जौहर के दृश्य से दर्शकों तक पहुंच सकता है। इस मुद्दे ने फिल्म की कहानी, ऐतिहासिक जौहर की परंपरा और महिलाओं की गरिमा को लेकर काफी ब@ह@स छेड़ी। ‘पद्मावत’ में जौहर को जिस तरह सिनेमाई रूप दिया गया, उसे लेकर उस समय समर्थन और विरोध—दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।
इस ब@ह@स का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है कि किसी भी यौन हिंसा के लिए पीड़िता जिम्मेदार नहीं होती और ऐसी घट@ना उसके जीवन, सम्मान या भविष्य का अंत नहीं है। किसी सर्वाइवर की हिम्मत इस बात से तय नहीं होती कि उसने कैसी प्रतिक्रिया दी, बल्कि यह समझना जरूरी है कि उसके साथ हुई हिंसा उसकी गलती नहीं थी।
“मांस-मच्छी और बीफ खाने वाला आदमी श्रीराम का किरदार कैसे निभा सकता है?”
अभिनेत्री निकिता रावल के बयान से छिड़ी नई बहस
निकिता रावल ने श्रीराम के किरदार को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि मांस-मच्छी और बीफ खाने वाला व्यक्ति श्रीराम की भूमिका कैसे निभा सकता है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
क्या किसी कलाकार की निजी खान-पान की आदतों को उसके निभाए धार्मिक किरदार से जोड़ना सही है?