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शीतल देवी, जो अपने पांव से रोजाना 300 तीर चलाती हैं, ने अपनी मेहनत और लगन से पैरा एशियाड में दो स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है। उनकी इस सफलता का श्रेय उनकी निरंतर मेहनत और समर्पण को जाता है। शीतल का अगला लक्ष्य पेरिस पैरालम्पिक में देश के लिए शीर्ष स्थान हासिल करना है।
पैर से तीर चलाकर पदक जीतने वाली विश्व की पहली महिला बनने के बाद, शीतल अब पैरा विश्व तीरंदाजी रैंकिंग के महिला कंपाउंड ओपन वर्ग में शीर्ष तीरंदाज बन गई हैं। यह उनकी अद्वितीय क्षमता और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।
नई दिल्ली में ‘बीइंग यू’ किताब के कवर लॉन्च के मौके पर, शीतल ने बताया कि वह पैरालम्पिक में पदक जीतने के लिए पुरजोर अभ्यास कर रही हैं। उनकी यह सफलता उन्हें और भी ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित कर रही है। शीतल का यह सफर संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल है, जो हर किसी के लिए प्रेरणा है।
शीतल देवी का यह सफर न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और सफलता की कहानी है, बल्कि यह सभी के लिए एक प्रेरणास्त्रोत भी है। उनके जीवन की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि समर्पण और मेहनत से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।
शीतल देवी को सलाम! 🏆

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शिवानी कुमारी को सपोर्ट करे 🙏🙏
कौन हैं शिवानी कुमारी? 'बिग बॉस OTT 3' की कंटेस्टेंट को पड़ोसी बोलते थे पागल और मां भी चली गई थी छोड़कर,
बिग बॉस ओटीटी 3' का 21 जून से धमाकेदार आगाज हो गया है। बिग बॉस के घर में 16 कंटेस्टेंट्स एंट्री कर चुके हैं, जिनके नाम सामने आ चुके हैं।
ऑफिशियल अनाउंसमेंट भी हो गया है जहां तक, हर बार की तरह इस बार भी ओटीटी वाले बिग बॉस में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से लेकर यूट्यूबर्स का बोलबाला है।
बस एक्टिंग की दुनिया से तीन-चार नाम ही शामिल किए गए हैं। इस बार के कंटेंस्टेंट्स में एक नाम शिवानी कुमारी का भी है, जिनके बारे में हर कोई जानना चाहता है कि वह कौन हैं?
शिवानी कुमारी अपने गांव में रहकर सोशल मीडिया कंटेंट बनाती हैं और सनसनी बन गई हैं। आइए आपको इनके बारे में बताते हैं:
Bigg Boss OTT 3 को अनिल कपूर होस्ट करेंगे और वह पहले ही कह चुके हैं कि वह इसे अपने स्टाइल में आगे लेकर बढ़ेंगे और सबके होश उड़ाएंगे।
चलिए अब बताते हैं कंटेस्टेंट शिवानी कुमारी के बारे में, जिन्हें मेकर्स ने भी देसी छोरी बताया है।

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जय श्री लक्ष्मी नारायण की जय

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स्वदेश के साप्ताहिक स्तम्भ में आज..

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अगर सारूख की बेटी की जन्मदिन होता तो लाखों मे लाइक
देखते है आज मेरी बेटी का जन्म दिन है कितने लाइक मिलते है

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|| सर्पलोक की राजकुमारी || परम्परा कॉमिक्स ||

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|| सर्पलोक की राजकुमारी || परम्परा कॉमिक्स ||

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|| सर्पलोक की राजकुमारी || परम्परा कॉमिक्स ||

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"अगर मुझे पहुँचने में देर हो गई तो इतिहास लिखेगा कि एक राजपूत ने मदद मांगी और ब्राह्मण भोजन करता रहा||"
अगर बाजीराव बल्लाल , कम उम्र में ना चल बसते , तो , ना तो अहमद शाह अब्दाली या नादिर शाह हावी हो पाते और ना ही अंग्रेज और पुर्तगालियों जैसी पश्चिमी ताकतें भारत पर राज कर पातीं,||
जिस व्यक्ति ने अपनी आयु के 20 वे वर्ष में पेशवाई के सूत्र संभाले हों,||40 वर्ष तक के कार्यकाल में 42 युद्ध लड़े हों और सभी जीते हों यानि जो सदा "अपराजेय" रहा हो,||
जिसके एक युद्ध को अमेरिका जैसा राष्ट्र अपने सैनिकों को पाठ्यक्रम के रूप में पढ़ा रहा हो ..ऐसे 'परमवीर' को आप क्या कहेंगे ...?
आप उसे नाम नहीं दे पाएंगे ..क्योंकि आपका उससे परिचय ही नहीं,||सन 18 अगस्त सन् 1700 में जन्मे उस महान पराक्रमी पेशवा का नाम है -
" बाजीराव पेशवा "||
"अगर मुझे पहुँचने में देर हो गई तो इतिहास लिखेगा कि एक राजपूत ने मदद मांगी और ब्राह्मण भोजन करता रहा||"ऐसा कहते हुए भोजन की थाली छोड़कर बाजीराव अपनी सेना के साथ राजा छत्रसाल की मदद को बिजली की गति से दौड़ पड़े,||
धरती के महानतम योद्धाओं में से एक , अद्वितीय , अपराजेय और अनुपम योद्धा थे बाजीराव बल्लाल,||
छत्रपति शिवाजी महाराज का हिन्दवी स्वराज का सपना जिसे पूरा कर दिखाया तो सिर्फ - बाजीराव बल्लाल भट्ट जी ने,||
अटक से कटक तक , कन्याकुमारी से सागरमाथा तक केसरिया लहराने का और हिंदू स्वराज लाने के सपने को पूरा किया पेशवा 'बाजीराव प्रथम' ने,||
इतिहास में शुमार अहम घटनाओं में एक यह भी है कि दस दिन की दूरी बाजीराव ने केवल पांच सौ घोड़ों के साथ 48 घंटे में पूरी की, बिना रुके, बिना थके,||देश के इतिहास में ये अब तक दो आक्रमण ही सबसे तेज माने गए हैं,||एक अकबर का फतेहपुर से गुजरात के विद्रोह को दबाने के लिए नौ दिन के अंदर वापस गुजरात जाकर हमला करना और दूसरा बाजीराव का दिल्ली पर हमला,||बाजीराव दिल्ली तक चढ़ आए थे,||
आज जहां तालकटोरा स्टेडियम है, वहां बाजीराव ने डेरा डाल दिया,||
उन्नीस-बीस साल के उस युवा ने मुगल ताकत को दिल्ली और उसके आसपास तक समेट दिया था,||
तीन दिन तक दिल्ली को बंधक बनाकर रखा,||
मुगल बादशाह की लाल किले से बाहर निकलने की हिम्मत ही नहीं हुई,|| 🙏

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World Champion Yuvraj Singh with his family 🌸

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