A missing daughter

Her distraught father

And Muhammed Aspad

तसवीरें बोलती हैं 😭

image

A missing daughter

Her distraught father

And Muhammed Aspad

तसवीरें बोलती हैं 😭

image

A missing daughter

Her distraught father

And Muhammed Aspad

तसवीरें बोलती हैं 😭

image

A missing daughter

Her distraught father

And Muhammed Aspad

तसवीरें बोलती हैं 😭

image
image
image

बिहार
दरभंगा के किलाघाट इलाके में मुहर्रम जुलूस में इस्लामिक झंडा के साथ फिलिस्तिनी झंडा लहराया ,पुलिस जांचकर कारवाई में जुटी

image
2 años - Traducciones

नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्‌।
छायामार्तण्ड सम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्‌।।

!! ॐ शं शनैश्चराय नमः !!
🌞|| सुप्रभात वंदन ||🌞

image
2 años - Traducciones

ताज होटल को बनने में करीब 14 साल लगे थे और साल 1903 में गेस्ट के लिए खोला गया था।

ताज होटल साल 1903 में खुला था, इसकी नींव जमशेदजी टाटा ने डाली थी। साल 1889 में टाटा ग्रुप के संस्थापक जमशेदजी टाटा ने अचानक ऐलान किया कि वे बॉम्बे में एक भव्य होटल बनाने जा रहे हैं

जमशेदजी टाटा ने जब ताज होटल बनाने का ऐलान किया तो उनके परिवार में ही फूट पड़ गई। टाटा की बहनें उनका विरोध करने लगीं। लेखक हरीश भट पेंगुइन से प्रकाशित अपनी किताब ‘टाटा स्टोरीज’ में लिखते हैं कि जमशेदजी टाटा की एक बहन ने गुजराती में कहा, ‘आप बैंगलोर में साइंस इंस्टिट्यूट बना रहे हैं, लोहे का कारखाना लगा रहे हैं और अब कह रहे हैं कि भतारखाना (होटल) खोलने जा रहे हैं’?

हरीश भट लिखते हैं कि जमशेदजी टाटा के दिमाग में बॉम्बे में भव्य होटल बनाने का आइडिया यूं ही नहीं आया था, बल्कि इसके पीछे एक कहानी और बदले की आग थी।

उन दिनों में बॉम्बे के काला घोड़ा इलाके में स्थित वाटसन्स होटल (Watson’s Hotel ) सबसे नामी हुआ करता था, लेकिन वहां सिर्फ यूरोप के लोगों को प्रवेश मिलता था।

एक बार जमशेदजी टाटा वहां पहुंचे तो उन्हें यूरोपियन न होने के चलते एंट्री नहीं मिली। यह बात उनके दिल में बैठ गई थी।

इसके अलावा उन दिनों बॉम्बे में एक भी ऐसा होटल नहीं था जो यूरोप या पश्चिमी देशों का मुकाबला कर सके। भट लिखते हैं कि जमशेदजी टाटा अक्सर अमेरिका, यूरोप और पश्चिमी देशों की यात्रा किया करते थे और वहां होटल और दूसरी सुविधाओं को देखा था।

साल 1865 में ‘सैटरडे रिव्यू’ में एक लेख छपा, जिसमें लिखा गया था कि बॉम्बे को अपने नाम के अनुरूप अच्छा होटल कब मिलेगा? यह बात भी टाटा के दिल को लग गई थी।

जमशेदजी टाटा, ताज होटल के लिए सामान खरीदने दुनिया के कोने-कोने तक गए। लंदन से लेकर बर्लिन तक के बाजार खंगाल डाले। ताज होटल भारत का ऐसा पहला होटल था जहां कमरों को ठंडा रखने के कार्बन डाइऑक्साइड बर्फ निर्माण संयंत्र लगाया गया था। होटल के लिए लिफ्ट जर्मनी से मंगवाई गई थी, तो पंखे अमेरिका से आए थे। हॉल के बाल रूम में लगाने के लिए खंभे पेरिस से आए थे।

उन दिनों ताज होटल की कुल लागत 26 लाख रुपये तक पहुंच गई थी। आखिरकार साल 1903 में जब ताज होटल खोला गया तब इसके कमरों का किराया 6 रुपये प्रति दिन रखा गया। यह लगभग और होटलों के बराबर ही था। लेकिन पहले दिन होटल में महज 17 गेस्ट पहुंचे। आने वाले कुछ दिनों तक स्थिति लगभग ऐसी ही रही। ताज होटल के खर्चों ने जमशेदजी के सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया। कुछ लोग इसे जमशेदजी का ”सफेद हाथी” तक कहने लगे।

image
2 años - Traducciones

सेठ की गली मे सेठ की आती जाती गाड़ी पर भौंकने वाले,
सेठ के लौंडे की शादी मे झूठी पत्तलें चाटते देखे जा सकते हैं।

image

हाई कोर्ट का यह फ़ैसला काफ़ी सराहनीय है। ऐसा इसलिए क्योंकि कट्टरपंथी सबसे पहले हिन्दू मंदिरों को निशाना बनाते हैं उसके बाद हिंदुओं को। इसके साथ ही सरकार को कड़े क़दम उठाने चाहिए ताकि विस्थापित कश्मीरी पंडितों को वापस उनकी जगह दिलाया जा सके। अनुच्छेद 370 के समाप्त होने के बाद कश्मीर की स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है।

image