Descubrir MensajesExplore contenido cautivador y diversas perspectivas en nuestra página Descubrir. Descubra nuevas ideas y participe en conversaciones significativas
शिवाजी नगर जनसंपर्क कार्यालय में प्रत्येक गुरुवार की भांति कल भी प्रातः 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित #जनसुनवाई में जनता की समस्याओं का त्वरित और न्यायोचित समाधान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
आज, शुक्रवार को भी प्रातः 9 बजे से शिवाजी नगर जनसंपर्क कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में आपका स्वागत है।
Bharatiya Janata Party (BJP) BJP Uttar Pradesh
शिवाजी नगर जनसंपर्क कार्यालय में प्रत्येक गुरुवार की भांति कल भी प्रातः 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित #जनसुनवाई में जनता की समस्याओं का त्वरित और न्यायोचित समाधान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
आज, शुक्रवार को भी प्रातः 9 बजे से शिवाजी नगर जनसंपर्क कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में आपका स्वागत है।
Bharatiya Janata Party (BJP) BJP Uttar Pradesh
शिवाजी नगर जनसंपर्क कार्यालय में प्रत्येक गुरुवार की भांति कल भी प्रातः 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित #जनसुनवाई में जनता की समस्याओं का त्वरित और न्यायोचित समाधान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
आज, शुक्रवार को भी प्रातः 9 बजे से शिवाजी नगर जनसंपर्क कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में आपका स्वागत है।
Bharatiya Janata Party (BJP) BJP Uttar Pradesh

त्रिपुरा में बाढ़-बारिश-लैंडस्लाइड का कहर, अब तक 22 लोगों की मौत, आज भी IMD का अलर्ट
त्रिपुरा पिछले कुछ दिनों से बारिश, लैंडस्लाइड और बाढ़ जैसे मौसमी कहर से जूझ रहा है. इलाके की जटिलता ने मौसम की गंभीरता को ज्यादा बढ़ा दिया है. कल (21 अगस्त) रात भी कई हिस्सों में फिर से बाढ़ आ गई है. त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में 21 अगस्त को 24 घंटों में 233 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार दिनों तक मौसम खराब से राहत की संभावना नहीं है. हालांकि, इसके बाद खराब राहत मिलने की उम्मीद है.
पिछले कुछ दिनों में लगातार बारिश और लैंडस्लाइड के कारण त्रिपुरा में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और दो अन्य लापता हो गए. वहीं, राज्य के 450 राहत शिविरों में 65,400 लोगों ने शरण ली है क्योंकि बारिश से उनके घर तबाह हो गए हैं. मुख्यमंत्री माणिक साहा ने एक पोस्ट में कहा कि शांतिरबाजार के अश्वनी त्रिपुरा पारा और देबीपुर में भूस्खलन के बाद दस लोग मलबे में दब गए है, "मैं पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं.यह एक अपूरणीय क्षति है. राज्य सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को वित्तीय सहायता के रूप में 4 लाख रुपये देने की घोषणा की है."
त्रिपुरा में बाढ़-बारिश-लैंडस्लाइड का कहर, अब तक 22 लोगों की मौत, आज भी IMD का अलर्ट
त्रिपुरा पिछले कुछ दिनों से बारिश, लैंडस्लाइड और बाढ़ जैसे मौसमी कहर से जूझ रहा है. इलाके की जटिलता ने मौसम की गंभीरता को ज्यादा बढ़ा दिया है. कल (21 अगस्त) रात भी कई हिस्सों में फिर से बाढ़ आ गई है. त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में 21 अगस्त को 24 घंटों में 233 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार दिनों तक मौसम खराब से राहत की संभावना नहीं है. हालांकि, इसके बाद खराब राहत मिलने की उम्मीद है.
पिछले कुछ दिनों में लगातार बारिश और लैंडस्लाइड के कारण त्रिपुरा में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और दो अन्य लापता हो गए. वहीं, राज्य के 450 राहत शिविरों में 65,400 लोगों ने शरण ली है क्योंकि बारिश से उनके घर तबाह हो गए हैं. मुख्यमंत्री माणिक साहा ने एक पोस्ट में कहा कि शांतिरबाजार के अश्वनी त्रिपुरा पारा और देबीपुर में भूस्खलन के बाद दस लोग मलबे में दब गए है, "मैं पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं.यह एक अपूरणीय क्षति है. राज्य सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को वित्तीय सहायता के रूप में 4 लाख रुपये देने की घोषणा की है."
त्रिपुरा में बाढ़-बारिश-लैंडस्लाइड का कहर, अब तक 22 लोगों की मौत, आज भी IMD का अलर्ट
त्रिपुरा पिछले कुछ दिनों से बारिश, लैंडस्लाइड और बाढ़ जैसे मौसमी कहर से जूझ रहा है. इलाके की जटिलता ने मौसम की गंभीरता को ज्यादा बढ़ा दिया है. कल (21 अगस्त) रात भी कई हिस्सों में फिर से बाढ़ आ गई है. त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में 21 अगस्त को 24 घंटों में 233 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार दिनों तक मौसम खराब से राहत की संभावना नहीं है. हालांकि, इसके बाद खराब राहत मिलने की उम्मीद है.
पिछले कुछ दिनों में लगातार बारिश और लैंडस्लाइड के कारण त्रिपुरा में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और दो अन्य लापता हो गए. वहीं, राज्य के 450 राहत शिविरों में 65,400 लोगों ने शरण ली है क्योंकि बारिश से उनके घर तबाह हो गए हैं. मुख्यमंत्री माणिक साहा ने एक पोस्ट में कहा कि शांतिरबाजार के अश्वनी त्रिपुरा पारा और देबीपुर में भूस्खलन के बाद दस लोग मलबे में दब गए है, "मैं पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं.यह एक अपूरणीय क्षति है. राज्य सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को वित्तीय सहायता के रूप में 4 लाख रुपये देने की घोषणा की है."
