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हैलो,, हां मम्मी सेंटर के पास पहुंच गए हैं, यहां सस्ते में ही एक कमरा मिल गया है...चिंता मत करना , अच्छा चलो अब नींद आ रही है ,सोना है....कल सुबह एग्जाम भी देने जाना है...हां इस बार तैयारी बहुत अच्छी हुई है , इस बार एग्जाम क्लियर हो ही जाएगा, अच्छा अब रखता हूं...!!
अब सोचिए इनपे क्या बीतेगी जब इन्हें पता चलेगा कि जिस परीक्षा की इन्होने जी तोड़ मेहनत कर के तैयारी की उसका पेपर लीक होगया? हम शायद पेपर लीक को मजाक में लें लेकिन असल में फर्क उन्हीं को पड़ा है जो मेहनत किए थे
खैर.🙂
उत्तर प्रदेश की पूजा तोमर ने UFC 2024 में रेयान डॉस सैंटोस को हराकर जीत हासिल की है। इसी के साथ, उन्होंने अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप में जीतने वाली पहली भारतीय महिला फाइटर बनकर इतिहास रच दिया है।
मिक्स मार्शल आर्ट में 'द साइक्लोन' के नाम से मशहूर भारतीय महिला फाइटर पूजा तोमर ने UFC में जीतकर इतिहास रच दिया। वह फाइटर के रूप में अपना डेब्यू करते हुए अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप में जीत हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला फाइटर बन गई हैं। उत्तर प्रदेश की रहने वाली पूजा तोमर ने रविवार को अपने डेब्यू मैच में रेयान अमांडा डॉस सैंटोस को हराकर जीत हासिल की है।
मैच में पूजा तोमर और डॉस सैंटोस के बीच दमदार मुकाबला हुआ। इस दौरान दोनों फाइटर्स ने अपनी ताकत का बेहतरीन प्रदर्शन भी किया, लेकिन पूजा के आगे सैंटोस की एक न चली और आखिरकार यूएफसी मैच की ट्रॉफी को पूजा ने अपने नाम कर लिया।
जीतने के बाद पूजा तोमर ने कही ये बातें
पूजा ने जीतने के बाद कहा, मैं दुनिया को दिखाना चाहती हूं कि भारतीय फाइटर्स हारे हुए नहीं हैं। हम आगे बढ़ रहे हैं, हम रुकने वाले नहीं हैं, हम जल्द ही UFC चैंपियन बन जाएंगे। यह जीत मेरी नहीं है, यह सभी भारतीय फैंस और सभी भारतीय फाइटर्स की जीत है। मुझे भारतीय ध्वज के साथ रहने पर बहुत गर्व महसूस हुआ। मेरे रोंगटे खड़े हो गए। कोई दबाव नहीं था, मैंने बस यही सोचा कि 'मुझे जीतना है'। मैंने दो या तीन मुक्के खाए, लेकिन मैं ठीक हूं। मैं खुद को बेहतर बनाने जा रही हूं और आगे बढ़ रही हूं।
साइक्लोन के नाम से हैं मशहूर
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की रहने वाली पूजा तोमर साइक्लोन के नाम से भी मशहूर हैं। वह पिछले साल यूएसी के साथ अनुबंध हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला फाइटर बनी थी। जानकारी के लिए बता दें, पूजा ने शुरुआत में वुशु को अपनाया था। इस खेल में पांच बार राष्ट्रीय चैंपियन भी बनीं। वह कराटे और ताइक्वांडो भी खेलती हैं। उन्होंने वुशू की विश्व चैंपियनशिप में भी देश का प्रतिनिधित्व किया था।