आम आदमी पार्टी में तख़्तापलट होने वाला है।
राजकुमार आनंद के इस्तीफे को छोटी बात मत समझिये, इनकी पार्टी में जबरदस्त अंदरूनी कलह है।
इस्तीफा देते समय राजकुमार ने कहा, "पार्टी में मेरा दम घुट रहा था।"
इसके बहुत मायने हैं, अब राजकुमार को AAP वाले गद्दार बता देंगे, डरा हुआ बता देंगे या ये भी कह सकते हैं कि BJP ने राजकुमार को डराया धमकाया।
जब ये शराब घोटाला हो रहा था तो राजकुमार नजदीक से सारी चीजें देख रहे थे, बहुत संभव है कि वो कई बड़े खुलासे भी कर सकते हैं। ध्यान देने वाली बात है कि राजकुमार ने सिर्फ मंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया बल्कि पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया है।
दूसरी ओर संजय सिंह और भगवंत मान के मिलने के तरीके पर गौर करिए, जिस पार्टी का शीर्ष नेता जेल में बंद हो उस पार्टी के नेता ठहाके मारकर गले मिल रहे हैं यह साफ संदेश देती है कि केजरीवाल की गिरफ्तारी से किसी को रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ा है। आम आदमी पार्टी या तो टूटने वाली है या फिर पार्टी के अंदर केजरीवाल की तानाशाही खत्म होने वाली है।
अब आईये दूसरे मुद्दे पर, पंजाब में आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसद हैं, 7 में से 5 ने केजरीवाल की गिरफ्तारी पर एक शब्द नहीं बोला। ये सभी पांचों सांसद AAP के सदस्य नहीं थे फिर भी इन्हें राज्यसभा की सीट दे दी गयी। इससे पार्टी के कार्यकर्ताओं में बहुत नाराजगी भी हुई। बाकी बचे 2 सांसद में से एक राघव इंग्लैंड में हैं तो दूसरे संदीप पाठक कुछ हद तक बोल रहे हैं।
या तो आम आदमी पार्टी का या फिर आम आदमी पार्टी में, तख़्तापलट होने वाला है।
और भले तख्ता पलट भी जाए अगले इलेक्शन में AAP साफ है।
@AamAadmiParty

