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शिवानी कुमारी को सपोर्ट करे 🙏🙏
कौन हैं शिवानी कुमारी? 'बिग बॉस OTT 3' की कंटेस्टेंट को पड़ोसी बोलते थे पागल और मां भी चली गई थी छोड़कर,
बिग बॉस ओटीटी 3' का 21 जून से धमाकेदार आगाज हो गया है। बिग बॉस के घर में 16 कंटेस्टेंट्स एंट्री कर चुके हैं, जिनके नाम सामने आ चुके हैं।
ऑफिशियल अनाउंसमेंट भी हो गया है जहां तक, हर बार की तरह इस बार भी ओटीटी वाले बिग बॉस में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से लेकर यूट्यूबर्स का बोलबाला है।
बस एक्टिंग की दुनिया से तीन-चार नाम ही शामिल किए गए हैं। इस बार के कंटेंस्टेंट्स में एक नाम शिवानी कुमारी का भी है, जिनके बारे में हर कोई जानना चाहता है कि वह कौन हैं?
शिवानी कुमारी अपने गांव में रहकर सोशल मीडिया कंटेंट बनाती हैं और सनसनी बन गई हैं। आइए आपको इनके बारे में बताते हैं:
Bigg Boss OTT 3 को अनिल कपूर होस्ट करेंगे और वह पहले ही कह चुके हैं कि वह इसे अपने स्टाइल में आगे लेकर बढ़ेंगे और सबके होश उड़ाएंगे।
चलिए अब बताते हैं कंटेस्टेंट शिवानी कुमारी के बारे में, जिन्हें मेकर्स ने भी देसी छोरी बताया है।
देसी छोरी' शिवानी कुमारी मचाएंगी धमाल
मेकर्स ने Shivani Kumari का प्रोमो रिलीज किया है, जिसमें वह पिंक कलर के सूट-सलवार में नजर आईं
माँ को खोना बहुत बड़ा दुख है, लेकिन याद रखें कि उनका प्यार और विरासत हमेशा आपके दिल में रहेगी। आपकी माँ के प्यार की यादें आपके दुख के बीच आपको आराम और शांति प्रदान करें। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएँ और प्रार्थनाएँ आपके और आपके परिवार के साथ हैं। कृपया अपनी माँ के निधन पर मेरी हार्दिक संवेदनाएँ स्वीकार करें।
हमारी मौसी मां को भगवान शिव अपने चरणों में स्थान दें
क्या आप जानते हैं कि भारत की धरती पर ऐसी भी बेटी जन्मी है जिसने अपनी रफ्तार से दुनियाभर को हैरान कर दिया? जी हाँ, हम बात कर रहे हैं 'पयोली एक्सप्रेस' पीटी उषा की, जिनकी कहानी सच्चे मायनों में प्रेरणादायक है।
27 जून 1964 को केरल के कोझीकोड जिले में जन्मी पिलावुलकंडी थेकेपराम्बिल उषा का जीवन साधारण था, लेकिन उनके सपने आसमान छूने वाले थे। बचपन से ही उनके पैरों में जैसे चपलता का जादू था। वे दौड़ने में इतनी माहिर थीं कि जल्द ही उनकी रफ्तार ने उन्हें सबकी नजरों में ला दिया।
पीटी उषा ने 1982 से 1994 तक के एशियाई खेलों में हिस्सा लेकर 23 पदक अपने नाम किए, जिनमें से 14 स्वर्ण पदक थे। क्या आपको पता है कि 1984 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में उन्होंने 400 मीटर बाधा दौड़ में चौथा स्थान प्राप्त किया? हाँ, एक सेकंड से भी कम के अंतर से वे पदक से चूक गईं, लेकिन उनका प्रदर्शन इतना शानदार था कि आज भी वह पल भारतीय खेल इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है।
1984 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया और 1985 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार उनकी अद्भुत मेहनत और अटूट समर्पण का सम्मान थे।
अपनी सफलता की कहानी को यहीं नहीं रोका। पीटी उषा ने उषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स की स्थापना की, जहाँ वे आज भी युवा एथलीट्स को प्रशिक्षण देती हैं। वे उन्हें सिखाती हैं कि कैसे कड़ी मेहनत और समर्पण से अपने सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है।
पीटी उषा की कहानी संघर्ष, समर्पण और सफलता की एक अद्वितीय मिसाल है। उनकी जीवन यात्रा हमें सिखाती है कि चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ आएँ, अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। 🌈✨
पीटी उषा, आपकी रफ्तार और जज्बा हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सलाम है आपको! 🏅🙏
आप को लगेगा अजीब बकवास है, किन्तु यह सत्य है👉🏻
पिछले 68 सालों में पीपल, बरगद और नीम के पेडों को सरकारी स्तर पर लगाना बन्द किया गया है।
पीपल कार्बन डाई ऑक्साइड का 100% एबजॉर्बर है, बरगद 80% और नीम 75 % ।
इसके बदले लोगों ने विदेशी यूकेलिप्टस को लगाना शुरू कर दिया, जो जमीन को जल विहीन कर देता है...
आज हर जगह यूकेलिप्टस, गुलमोहर और अन्य सजावटी पेड़ो ने ले ली है ।
अब जब वायुमण्डल में रिफ्रेशर ही नहीं रहेगा तो गर्मी तो बढ़ेगी ही, और जब गर्मी बढ़ेगी तो जल भाप बनकर उड़ेगा ही ।
हर 500 मीटर की दूरी पर एक पीपल का पेड़ लगायें,
तो आने वाले कुछ साल भर बाद प्रदूषण मुक्त भारत होगा । 🌳
वैसे आपको एक और जानकारी दे दी जाए ।
पीपल के पत्ते का फलक अधिक और डंठल पतला होता है, जिसकी वजह शांत मौसम में भी पत्ते हिलते रहते हैं और स्वच्छ ऑक्सीजन देते रहते हैं ।
वैसे भी पीपल को वृक्षों का राजा कहते है ।
इसकी वंदना में एक श्लोक देखिए ।
मूलम् ब्रह्मा, त्वचा विष्णु, सखा शंकरमेवच।
पत्रे-पत्रेका सर्वदेवानाम, वृक्षराज नमस्तुते।।
अब करने योग्य कार्य ।
इन जीवनदायी पेड़ों को ज्यादा से ज्यादा लगाने के लिए समाज में जागरूकता बढ़ायें ।
बाग बगीचे बनाइये, पेड़ पौधे लगाइये, बगीचों को फालतू के खेल का मैदान मत बनाइये.. जैसे मनुष्य को हवा के साथ पानी की जरूरत है, वैसे ही पेड़ पौधों को भी हवा के साथ पानी की जरूरत है ।
बरगद एक लगाइये, पीपल रोपें पाँच।
घर घर नीम लगाइये, यही पुरातन साँच।।
यही पुरातन साँच, आज सब मान रहे हैं।
भाग जाय प्रदूषण सभी अब जान रहे हैं ।।
विश्वताप मिट जाये, होय हर जन मन गदगद।
धरती पर त्रिदेव हैं, नीम पीपल और बरगद।।
GHAZIABAD : WOMEN WHO PUSHED CONSTABLE TO SUICIDE ARRESTED
Prachi and Sonia, women who were blackmailing a constable Pammi, threatening him of filing #falserape case that led him to end his life by suicide, have been arrested by
@ghaziabadpolice
They had extorted 6 lakh rupees from Pammi and were demanding more.
In his last video, Pammi had lamented lack of laws for men and requested government to give men some recourse too