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क्या होता अगर मै रुक जाती?
अगर कोई मेरी काबिलियत पे शक करता है
तो मैं क्या यूहीं झुक जाती?
अगर एहसास नहीं होता मुझे अपनी खूबियों का तो क्या कभी आगे बढ़ भी पाती?
चलो माना की तारीफों से हौसला बढ़ता है
पर अगर कोई साथ नहीं दे
तो क्या कोई अकेले अपने लिए लड़ता है?
ये सावल सिर्फ मेरा ही नहीं सबका होना चाहिए खुद से यहां तारीफ़ करने वाले तो लाखो ही मिल जाएंगे पर तलाश करो तो उसकी जो आपकी बुरिए भी बताएं सिर्फ दिखावा ही नहीं
बल्कि सच को जताए
लोग तो यह आईना बनके तुम्हारी खुबसूती दिखाएंगे पर कभी खुद से पूछना की अगर वहीं कांच टूटकर तुम्हारे पैरों में चुभा
तो क्या वो तुम्हें बचाएंगे
Madam ji की कलम से ✍️
युवराज सिंह की पूरी फैमिली कम ही लोगों ने देखी है। इस तस्वीर में पिता योगराज सिंह, मां शबनम सिंह, भाई जोरावर और भाभी के अलावा अपनी पत्नी हेजल कीच और बच्चों के साथ युवराज दिख रहे हैं। तस्वीर जोरावर ने सोशल मीडिया पर शेयर की है जिसे खूब पसंद किया जा रहा है।
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ये नवाब फ़ुद्दीउद्दीन खाँ हैं...
जो पुत्तर प्रदेश के एक राज्य के एक महान परम शूरवीर परम प्रतापी परम खूंखार परम दुर्दांत नवाब थे।
कद 2 फुट 3 इंच
वज़न 26 किलो 310 ग्राम
तलवार का वज़न 400 किलो
ढाल का वज़न 356 किलो
भाले का वज़न 420 किलो
दोनों अंडकोष का वज़न 14 टन (न्यूक्लियर वैपन से लैस, हर समय युध्द के लिए तैयार)
नवाब फ़ुद्दीउद्दीन के भय का आलम ये था कि केवल इनकी दहाड़ से ही बड़े बडे बाघ कलेजा फाड़कर मर जाया करते थे.. बब्बर से बब्बर शेर सीटी बजाने लगते थे और पागल हाथियों का झुण्ड कविता पढ़ने लगता था।
नवाब फ़ुद्दीउद्दीन विश्वविख्यात ही नहीं बल्कि ब्रह्मांड और समस्त आकाशगंगा के भी अचूक निशाना लगाने वाले एकलौते शूटर भी थे...! उनके दादा चुद्दीउद्दीन बाबर के साथ भारत आये थे।
नवाब फ़ुद्दीउद्दीन को अपने दादा चुद्दीउद्दीन से एक आसमानी रायफिल मिली थी जिसकी लम्बाई 4 किलोमीटर की थी।
जिसमे कारतूस भी 35 टन के भर कर चलाया करते थे.. कारतूस डालने के लिये अलग से दो करोड़ सैनिकों की फौज 50 क्रेन और 10 जेसीबी हर समय तैयार रहती थी...
नवाब फ़ुद्दीउद्दीन ने अकेले और निहत्थे और सिर्फ़ एक हाथ से मंगोलों की 200 करोड़ खूंखार फौज से तबाह कर भागने पर मजबूर कर दिया था..
ब्रिटेन अमेरिका जैसे देश नवाब फुद्दीउद्दीन का नाम सुन कर थरथर काँपते थे। उनके चालीस हज़ार जासूस नवाब की बेगम के लहेंगे में छिपे रहते थे ताकि नवाब की वीरता का पता लगा सकें।
पर लोमड़ी के लन की तरह चालाक नवाब फ़ुद्दीऊदीन तो अपनी वीरता बस अपनी प्रिय बकरी से शेयर किया करते थे।
अमेरिका ने नवाब चुद्दीउद्दीन के दाहिने अंडकोष पर रिसर्च करके ही न्यूक्लियर हथियार बना कर हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराया था... अद्भुत अविरल विलक्षण
अगर एसा महान नवाब फ़ुद्दीउद्दीन आज के दौर मे पैदा हुआ तो ये महान देश अमेरिका और चीन और पाकिस्तान को लाल लाल आँखे दिखाता
ऐसे पराक्रमी महान नवाब फ़ुद्दीउद्दीन वल्द चुद्दीउद्दीन के लिये एक लाफिंग रिएक्शन तो बनता है...
नवाब फ़ुद्दीउद्दीन का जलवा जलाल क़ायम रहे.. 😂😂