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Presenting Rana Ranbir's show "Master Ji" in indianapolis, Indiana,USA on "30 March 2024, 7pm" onwards at Warren Performing Arts Center, Indianapolis.
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अमिताभ की दीवार फ़िल्म में एक दृश्य है..... जिसमे वो एक बिल्डिंग खरीदता है...... खरीदते वक्त वह बिल्कुल भी मोलभाव नहीं करता और बिल्डर जो कीमत मांगता है...... उसी में खरीद लेता हैं...... बिल्डर कहता है आपको सौदा करना नहीं आता......यदि आप कुछ मोलभाव करते तो मैं कुछेक लाख कम में भी आपको यह बिल्डिंग बेच देता...... तब अमिताभ कहता है कि सौदा करना आपको नहीं आता ......इस बिल्डिंग के बनते समय मेरी मां ने ईंटे उठाई थी.....यदि तुम कुछेक लाख ज्यादा भी मांगते तो भी मैं आपको देकर यह बिल्डिंग खरीद लेता.....??????
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कुछ लोग कह रहे है गोबर जैसी शक्ल वाली रिहाना को अपने बेटे के विवाह समारोह में 2-4 ठुमको के लिए मुकेश अंबानी ने 70 करोड़ क्यों दे दिए......इतने पैसे में तो भारत में ही ठुमके लगाने वाली सैकड़ो मिल जाती......अंबानी को सौदा करना नहीं आता.....उधर अंबानी भाई अमिताभ की तरह सोच रहे है कि इस रिहाना ने ब्लैक स्पेसियो से पैसे लेकर अंतराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब की थी..... उसे सबक सिखाने का इससे बेहतर मौका और कहां मिलता......यदि रिहाना 2-5 करोड़ ज्यादा भी मांगती तो भी मैं उसे दे देता.......???????
प्लीज् इस गरीब चहल को बख्श दे बेचारे को😜🤣
दोस्तों ये हैं संगीता फोगाट.🤔
उन्होंने यह कहकर एशियन गेम्स से किनारा कर लिया कि वह अनफिट हैं।😛
फिर वह कुछ फालतू रियलिटी डांस शो में हिस्सा लेने के लायक हो गईं।🤩
अब वह किसी छोटे दुबले पतले क्रिकेटर युजवेंद्र चहल को किसी पार्टी में उठाने के लिए ज्यादा फिट हैं।🤗
लेकिन वह ओलंपिक के लिए ट्रायल में भाग लेने के लिए फिर से अनफिट हो जाएंगी।😄
और फिर वह हमेशा की तरह इसके लिए मोदी को दोषी मानेंगी।👏
यह है हल्दी घाटी की मिट्टी. मिट्टी का रंग पीला है हल्दी के जैसा और इस लिये यह कहलाई हल्दी घाटी।
#history
खरसन गाँव में लक्ष्मी नारायण मंदिर में पत्थर के शीला लेख पर इतिहास दर्ज किया गया जिसमें स्पष्ट शब्दों में हल्दी घाटी का युद्ध, अकबर के सेनापति मान सिंह की वापसी और महाराणा प्रताप की विजय का लिखित प्रमाण है। पत्थर की विशेषता यह होती है कि कार्बन डेटिंग से आयु पता चल जाती है और यह माना गया कि यह शिला लेख सन् 1576 का ही है हल्दीघाटी युद्ध के पश्चात।
ज़ाहिर सी बात थी अगर मुग़ल विजेता होते तो न जनता महाराणा की जीत का जश्न मना पाती, और कम से कम शिला लेख पर इस तरह इतिहास तो न ही लिखा जाता कि मुग़लों की हार हुई।
पिछले दस वर्षों में मिले इन विविध साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध हो चुका है कि हल्दी घाटी का युद्ध राजपूतों ने जीता था। हाँ अकबर की चाटुकारिता में लिखी आईने अकबरी में अबुल फैजल ने इसका उल्टा लिखा। आज़ाद भारत में भी उसी आइने अकबरी में लिखी चाटुकारिता को ज्यों का त्यों इतिहास का नाम दे दिया गया।
SUMAN