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सुनील शेट्टी ने गणतंत्र दिवस के मौके पर देशभक्ति का परिचय देते हुए अपनी नई तस्वीरों से चाहने वालों के दिलों को जीत लिया है। सोशल मीडिया पर सामने आई इन तस्वीरों में सुनील शेट्टी बड़े ही शानदार अंदाज में भारतीय तिरंगे को हवा में लहराते नजर आ रहे हैं। जिस किसी ने भी सुनील शेट्टी का यह खास अंदाज इस मौके पर देखा है तब सभी लोग उनके व्यवहार की खूब तारीफ करने लगे हैं। हर किसी का इस मौके पर यही कहना है कि सुनील शेट्टी से देशभक्त अभिनेता बॉलीवुड में और कोई नहीं है।
मुक्केबाज मैरीकॉम का संन्यास से इनकार
कहा- मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। भारत की महान मुक्केबाज मैरीकॉम ने बुधवार को संन्यास की बात करके तहलका मचा दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स में यह बताया गया था कि इस ओलम्पिक पदक विजेता मुक्केबाज ने संन्यास ले लिया है। इसको लेकर सब हैरान थे, लेकिन अब मैरीकॉम ने एक और बयान देकर सबको चौंका दिया है। उन्होंने कहा है कि उनके संन्यास वाले बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने अभी संन्यास नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि जब भी वह संन्यास लेंगी तो खुद मीडिया के सामने आएंगी।
उज्जैन के राजा विक्रमादित्य भील थे। विक्रमादित्य के पिता का नाम गर्द भिल्ल था। सिंहासन बत्तीसी और बैताल पचीसी की कथाएँ इनसे जुड़ी हैं। ईसा पूर्व की प्रथम सदी में उज्जैन पर गर्द भिल्ल का शासन था। जब गर्द भिल्ल शकों से युद्ध करते मारे गए, तब मालव गण पर गर्द भिल्लवंशीय विक्रमादित्य ने शकों को पराजित कर फिर से शासन स्थापित किया। कैलाशचंद्र भाटिया ने लिखा है कि गर्द भिल्ल वस्तुतः भिल्ल अर्थात भील थे। हजारीप्रसाद द्विवेदी को साक्षी बनाकर उन्होंने बताया है कि गधैया सिक्के इन्हीं गर्द भिल्लों ने चलाए थे। चौंकानेवाला तथ्य यह है कि राजा विक्रमादित्य भील थे, जिनके साथ अनेक चमत्कारिक गाथाएँ जुड़ी हुई हैं। भारतीय इतिहास पर विक्रमादित्य के प्रभाव को इस बात से आँका जा सकता है कि 14 बड़े - बड़े राजाओं ने गर्व के साथ विक्रमादित्य की उपाधि धारण की। ( विक्रमादित्य की एक आधुनिक मूर्ति )