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मिल्खा सिंह 1952 मै सेना भर्ती हुए!
सिकंदराबाद मै पहली बार किसी इनामी रेस मै उतरे।
पांच मिल की क्रॉस कंट्री रेस थी कोच ने इनाम रखा था एक ग्लास दूध।
1960 मै भारत पाकिस्तान स्पोर्ट्स मीट मै 200 मीटर दौड़ जीता तभी से एक नया नाम मिला फ्लाइंग सिख !
मिल्खा ने 1958 मै टोक्यो एशियन खेल मै 2 गोल्ड मैडल अपने ओर आपने देश के नाम किए।
सबसे रोचक किस्सा है पाकिस्तान मतलब पड़ोसी देश का एक नामी धावक था जिसका नाम था अब्दुल खलीक उसको मिल्खा ने 200 मीटर एवं 400 मीटर रेस अपने नाम कर के धूल चटाई ।
तभी से मिल्खा देश दुनिया के आंखों के तारे बन गए।
मिल्खा की कामयाबी ने उसके सारे गमओ को धो डाला लेकिन देश विभाजन का दर्द हमेशा उनके दिल मै देहेकता रहा।#मिल्खा #सिंह #फ्लाइंग #सिख! #milkhasinghji #india #sikh #history #pakistan
आइए #अंतर्राष्ट्रीय_नशा_निरोधक_दिवस पर हम सब मिलकर एक साथ नशा छोड़ने के लिए कदम बढ़ाए और देश को नशा मुक्ति की ओर ले जाए। 🙏🙏