إستكشف المشاركات استكشف المحتوى الجذاب ووجهات النظر المتنوعة على صفحة Discover الخاصة بنا. اكتشف أفكارًا جديدة وشارك في محادثات هادفة
आयरा खान अपने रिसेप्शन में लाल रंग के लहंगे में नजर आईं और नुपुर शिखरे काले रंग की शेरवानी में...रिसेप्शन में बॉलीवुड की तमाम बड़ी हस्तियां शामिल हुईं. लेकिन आप यह जान लीजिए कि आयरा का यह लहंगा कोई आम आउटफिट नहीं है. लंबे समय की मेहनत के बाद उनके रिसेप्शन आउटफिट को तैयार किया गया है. एक मीडिया वेबसाइट से बात करते हुए लहंगे की डिजाइनर ने आयरा के लहंगे की खासियत शेयर की. आयरा अपने रिसेप्शन के लिए शुरुआत से ब्लाउज और लहंगा चाहती थीं. इस आउटफिट को पूरे तरीके से तैयार करने में 7 महीने का समय लगा. वहीं, 300 घंटे से ज्यादा की मेहनत लहंगे को शानदार लुक देने के लिए की गई. इस लहंगे को ऑथेंटिक लुक देने के लिए बहुत ही बारीकी से काम किया गया है.
#irakhan #nupurshikhare #reception #amirkhan #iradress #latestnews #latestupdates #navtejtv
शहीद सरदार भगत सिंह सुखदेव थापर राजगुरु की महान माताएं जिन्होंने ऐसे महान देशभक्त सपुतों को जन्म दिया इन्हे कोटि कोटि नमन
#photochallenge2023 #india #shahidbhagatsingh #sahidsukhdev #shahidrajguru #trading #trendingnow2023 #viral2023 #narenderbhullar
*झूठी खबर छापता है दैनिक भास्कर*
आज के दैनिक भास्कर में एक लेख है कि सीता जी के स्वयंवर में रावण नहीं आया था और इसका श्रीरामचरितमानस में कहीं उल्लेख नहीं है। जबकि बालकाण्ड की इस चौपाई में रावण के आने और भागे जाने का स्पष्ट उल्लेख है।
नृप भुजबल बिधु सिवधनु राहू। गरुअ कठोर बिदित सब काहू॥
रावनु बानु महाभट भारे। देखि सरासन गवँहिं सिधारे॥1॥
भावार्थ:-राजाओं की भुजाओं का बल चन्द्रमा है, शिवजी का धनुष राहु है, वह भारी है, कठोर है, यह सबको विदित है। बड़े भारी योद्धा रावण और बाणासुर भी इस धनुष को देखकर गौं से (चुपके से) चलते बने (उसे उठाना तो दूर रहा, छूने तक की हिम्मत न हुई)॥
*झूठी खबर छापता है दैनिक भास्कर*
आज के दैनिक भास्कर में एक लेख है कि सीता जी के स्वयंवर में रावण नहीं आया था और इसका श्रीरामचरितमानस में कहीं उल्लेख नहीं है। जबकि बालकाण्ड की इस चौपाई में रावण के आने और भागे जाने का स्पष्ट उल्लेख है।
नृप भुजबल बिधु सिवधनु राहू। गरुअ कठोर बिदित सब काहू॥
रावनु बानु महाभट भारे। देखि सरासन गवँहिं सिधारे॥1॥
भावार्थ:-राजाओं की भुजाओं का बल चन्द्रमा है, शिवजी का धनुष राहु है, वह भारी है, कठोर है, यह सबको विदित है। बड़े भारी योद्धा रावण और बाणासुर भी इस धनुष को देखकर गौं से (चुपके से) चलते बने (उसे उठाना तो दूर रहा, छूने तक की हिम्मत न हुई)॥
*झूठी खबर छापता है दैनिक भास्कर*
आज के दैनिक भास्कर में एक लेख है कि सीता जी के स्वयंवर में रावण नहीं आया था और इसका श्रीरामचरितमानस में कहीं उल्लेख नहीं है। जबकि बालकाण्ड की इस चौपाई में रावण के आने और भागे जाने का स्पष्ट उल्लेख है।
नृप भुजबल बिधु सिवधनु राहू। गरुअ कठोर बिदित सब काहू॥
रावनु बानु महाभट भारे। देखि सरासन गवँहिं सिधारे॥1॥
भावार्थ:-राजाओं की भुजाओं का बल चन्द्रमा है, शिवजी का धनुष राहु है, वह भारी है, कठोर है, यह सबको विदित है। बड़े भारी योद्धा रावण और बाणासुर भी इस धनुष को देखकर गौं से (चुपके से) चलते बने (उसे उठाना तो दूर रहा, छूने तक की हिम्मत न हुई)॥
