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ruchawaikar Creó nuevo artículo
3 años - Traducciones

Hemiplegia Market Revenue Share Analysis, Market Growth Forecast, 2022–2030 | #hemiplegia Market # Hemiplegia Industry # Hemiplegia Market size # Hemiplegia Market share

3 años - Traducciones

बड़ी दौड़ धुप के बाद वो आज ऑफिस पहुंचा, उसका पहला इंटरव्यू था।घर से निकलते हुए वो सोच रहा था,
काश !
इंटरव्यू में आज सफल हो गया तो अपने दादा के पुराने मकान को विदा कहकर यही शहर में सेटल हो जाऊंगा, माता पिता की daily की किच किच से पीछा छूट जायेगा।
सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक होनेवाली किरकिरी से परेशान हो गया हूँ. जब नहाने की तय्यारी करो तो पहले
बिस्तर ठीक करो फिर बाथरूम जाओ,
बाथरूम से निकलो तो घोषणा की
"नल बंद कर दिया?"
"तौलिया सही जगह रखा या यूँ ही फेंक दिया?
" नाश्ता करके घर से निकलो तो डांट पड़ती है
"पंखा बंद किया या चल रहा है?" क्या क्या सुनें यार, नौकरी मिले तो घर छोड़ दूंगा।
ऑफिस में बहुत सारे उम्मेदवार बैठे थे, बॉस का इंतज़ार कर रहे थे. दस बज गए, उसने देखा पैसेज की लाइट अभी तक जल रही है,
माँ की कही बात याद आ गई तो लाइट बन्द कर दी,ऑफिस के दरवाज़े पर कोई नहीं था,साथ में रखे वाटर कूलर से पानी टपक रहा था, पिताजी की डांट याद आ गयी, बोर्ड पर लिखा था इंटरव्यू दूसरी मंज़िल पर होगा।
सीढ़ी की लाइट भी जल रही थी,बंद करके आगे बढ़ा तो एक कुर्सी रास्ते में थी,उसे हटाकर ऊपर गया,देखा पहले से मौजूद उम्मीदवार जाते और तुरन्त बाहर आते, पता किया तो मालूम हुआ बॉस फाइल लेकर कुछ पूछते नहीं,वापस भेज देते हैं।
मेरा नंबर आने पर मैंने फाइल मेनेजर की तरफ बढ़ा दी.फाइल पर नज़र दौडाने के बाद उन्होंने कहा "कब ज्वाइन कर रहे हो?
" उनके सवाल से मुझे यूँ लगा जैसे मज़ाक़ हो. वो मेरा चेहरा देखकर कहने लगा ये मज़ाक़ नहीं हक़ीक़त है।
आज के इंटरव्यू में किसी से कुछ पूछा ही नहीं,सिर्फ CCTV में सबका व्यवहार देखा,सब आये लेकिन किसी ने नल या लाइट बंद नहीं किया।
बधाई के पात्र है तुम्हारे माता पिता जिन्होंने तुम्हारा इतनी अच्छा पालन पोषण किया और अच्छे संस्कार दिए।
जिस इंसान के पास Self डिसिप्लिन नहीं वो चाहे कितना भी तेज और चालाक हो, मैनेजमेंट और जीवन की भाग दौड़ में सफल नहीं हो सकता।
घर पहुंचकर माता पिता को गले लगाया और उनसे क्षमा मांगकर उनका धन्यवाद किया, अपने जीवन की दिनचर्या में उनका छोटी छोटी बातों पर रोकने टोकने से मुझे जो उत्तम शिक्षापूर्ण व्यवहार मिला था
उसकी अपेक्षा में मेरी बाहरी शिक्षा की डिग्री कुछ भी नही थी ।
जान गया कि सिर्फ स्कूली शिक्षा ही नही घरेलू संस्कार का भी अपना महत्व है...!!

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