Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
ओज क्या है...?
ओज दो प्रकार का होता है - १. पर ओज २. अपर ओज
पर ओज का प्रमाण 8 बिंदु है और वह हृदय में रहता है तथा उसके क्षय हो जाने पर मृत्यु हो जाती है अपर ओज अर्धाञ्जलि प्रमाण होता है और वह सारे शरीर में व्याप्त रहता है। यहां पर अपर ओज के क्षय का ही लक्षण दिया गया है ।
बिभेति दुर्बलोऽभीक्ष्णं ध्यायति व्यथितेन्द्रियः ।
दुश्छायो दुर्मना रूक्षः क्षामश्चैवौजसः क्षये ॥
ओज क्षय के लक्षण – ओज का क्षय होने पर मनुष्य भयभीत रहता है, दुर्बल हो जाता है सदैव चिंतित और ध्यान मग्न रहा करता है, इंद्रियाँ अपने कार्य में असमर्थ सी होती हैं शरीर की कान्ति मलिन हो जाती है मन उदास रहता है शरीर में रूखापन और कृशता आ जाती है।
दुनिया में कई देशों में #समलैंगिकता के मुद्दे को बेहद ही संवेदनशील माना जाता है. #युगांडा के राष्ट्रपति #योवेरी_मुसेवेनी ने 29 मई को देश में समलैंगिकता के खिलाफ कठोर बिल पर हस्ताक्षर कर दिए है. इसके मुताबिक समलैंगिक संबंध बनाने पर #मौत की सजा और #आजीवन_कारावास की सजा का प्रावधान है. मुसेवेनी के ओर से समलैंगिकता से जुड़े बिल पर साइन करने के बाद ये LGBTQ समूहों के लिए दुनिया का सबसे कठोर कानून बन चुका है.