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जिस घर आनी थी दुल्हन, उससे पहले आ गईं 35 लाशें, कलेजा कंपा देगा पूरा मंजर...CM से लेकर PM तक दुखी
13 पहले राजस्थान के जोधपुर जिले में एक शादी समारोह के दौरान हुए सिलेंडर विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 35 तक पहुंच गई है। जिसमें दूल्हे के माता-पिता बहन, भांजों से लेकर कई रिश्तेदारों की मौत हो चुकी है। यह हादसा इतना दर्दनाक था कि सीएम अशोक गहलोत से लेकर पीएम मोदी तक ने इस पर गहरा दुख जताते हुए आर्थिक मदद की है।

दूल्हे का पूरा परिवार हो गया खत्म
बता दें कि यह दर्दनाक एक्सीडेंट 8 दिसंबर को दोपहर में जोधपुर के शेरगढ़ थाना इलाके के भूंगरा गांव को हुआ। जहां के निवासी सगत सिंह के बेटे सुरेन्द्र सिंह की बारात तैयार हो रही थी। यह बारात बाड़मेर जानी थी। इससे पहले घर में पांच सलेंडर फटे। उस दौरान वहां पर करीब सौ लोग थे। उनमें से साठ झुलस गए। सभी को अस्पताल पहुंचाया गया। उनमें से अब तक 35 लोगों की जान जा चुकी हैं। इनमें खुद सगत सिंह, उनके दो बड़े भाई, उनकी पत्नी, एक भाभी, बेटी, बेटी के दो बच्चे, परिवार की पांच महिलाएं और आसपास के लोग शामिल हैं।
35 लाशों का एक साथ होगा अंतिम संस्कार
अब भले ही इस पैकेज के बाद मृतकों के परिवार वालों को थोड़ी राहत मिली हो। लेकिन आज का दिन सबसे बुरा दिन होगा। क्योंकि पिछले कई दिनों से करीब 9 शव मुआवजे सहित अन्य मांगों को लेकर जोधपुर के हॉस्पिटल की मोर्चरी में ही रखे हुए थे। आज उन सभी शवों का एक साथ पोस्टमार्टम किया जाएगा। इसके बाद गांव में उनका एक साथ अंतिम संस्कार होगा तो हर कोई रो उठेगा। आपको बता दें कि जोधपुर में शेरगढ़ इलाके के भूंगरा में यह हादसा हुआ था। जब सुरेंद्र सिंह नाम के एक युवक की बारात रवाना हुई थी। उसी दौरान एकाएक कुछ सिलेंडर फटे। और अब तक करीब 35 लोगों की मौत हो गई। अभी करीब 15 लोग हॉस्पिटल में भर्ती बताए जा रहे हैं।
परिवार को मिलेंगे 17 लाख और संविदा की नौकरी
गौरतलब है कि राजपूत समाज के लोगों ने रविवार सुबह से ही जोधपुर कलेक्ट्रेट के बाहर जाना शुरू कर दिया था। जो हर मृतक के परिवार को 50 लाख के मुआवजे और एक सरकारी नौकरी की मांग कर रहे थे। अब सरकार ने इससे मांगों को माना है। केंद्र और सरकार के विभिन्न फंड को मिलाकर अब हर एक मृतक के परिवार को करीब 17 लाख और एक संविदा की नौकरी मिलेगी। इस मांग के बाद देर रात धना भी समाप्त कर दिया गया है. ऐसे में अब तक इन 35 मृतकों के परिवारों को सरकार करीब 5.35 करोड़ रुपए देगी।

जोधपुर. राजस्थान के जोधपुर जिले के भूंगरा में हुए सिलेंडर कांड को आज करीब 13 दिन हो चुके हैं। बीते 13 दिन में यहां अब तक कुल 35 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। रविवार को पूरे दिन जोधपुर में हुए बवाल और आक्रोश के बाद अब सरकार भी बैकफुट पर आ चुकी है। सरकार ने मृतकों के परिवारों को कोई पैकेज देने की घोषणा की है। इससे पहले रविवार को सुबह से ही जोधपुर में हजारों की संख्या में लोग कलेक्ट्रेट के बाहर बैठे रहे। जिसके बाद देर रात कुछ मांगों पर सहमति बनी है।

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अभी तक लोग हमारा (जाट) इतिहास चुराते थे पहली बार किसी सरकार ने चुराया है मंदसौर (मध्यप्रदेश) मेँ "जाट सम्राट यशोधर्म" जी की मूर्ति स्थापना पर उनको जाट नहीं "ब्राह्मण " बताया है जो की "इतिहास" के हर पन्ने पर "जाट सम्राट" लिखा है.....
यशोधर्म : ठाकुर देशराज
इतिहासकार ठाकुर देशराज जी [15] ने लिखा है ...
यशोधर्म - यह मंदसौर में राज्य करते थे। वहां पर इनका स्तूप है। इनके पिता का नाम विष्णुवर्धन था। इनका राज्य मंदसौर से लगाकर बयाना तक था। बयाना में भी एक लाट है वह महाराजा विष्णुवर्धन की स्थापना की हुई है। यह वरिक गोत्र के जाट थे। महाराजा यशोधर्मन ने प्रबल आक्रांता हूणों को कई बार खदेड़ा था और अपनी जिंदगी में उन्हें कश्मीर से नीचे नहीं उतरने दिया। अजय जर्टो हूणान इनकी लड़ाइयों के कारण प्रसिद्ध हुआ था। लोग इन्हें दूसरा विक्रमादित्य समझते थे।
Victory pillar of Yashodharman at Sondani, Mandsaur
इतिहासकार ठाकुर देशराज लिखते हैं कि भारत क्या, संसार के इतिहास में हूणों के आक्रमण प्रसिद्ध हैं। इन्होंने यूरोप और एशिया दोनो ही जगह उथल-पुथल मचा दी थी। जाट-जाति के लिए यह सर्वत्र नाशकारी सिद्ध हुए। किन्तु यूरोप और एशिया दोनो ही स्थानों पर जाटों ने इनकी शक्ति का सामना किया। यद्यपि जाट भी इनके युद्धों में क्षीणबल हो गए, किन्तु उन्होंने हूणों के बढ़ते हुए प्रभाव को इतना धक्का पहुंचाया कि आज हूणों की न कोई स्वतंत्र जाति है और न राज्य। सुदूर कश्मीर में अवश्य कुछ दिन उनका राज्य रहा। यूरोप को रोंदते हुए इनका दल जब रोम पहुंचा तो वहां के गाथ (जाट) योद्धाओं ने ऐसा लोहा बजाया कि उन्हें उलटे पैरों लौटना पड़ा। भारत में आने पर भी जल-प्रलय की भांति जब ये आगे बढ़ने लगे तो मध्य-भारत के अधीश्वर महाराजा यशोधर्मा ने इनको ऐसा खदेड़ा कि कश्मीर में जाकर दम लिया।
यशोधर्मा के समय के तीन शिलालेख्स प्राप्त हुए हैं। ये तीनों ही मन्दसौर में पाए गए हैं। इनमें एक शिलालेख मालव संवत् 589 ईसवी (सन् 532) का है ।।
Ajay jarto Huna.
8 अक्टूबर 528 AD को हूणों को पर विजय प्राप्त की 💪💪💪💪💪💪💪💪💪

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#जाट के पूत खा पीकर मजबूत 💪
भारत की शान इंडियन आर्मी के जाबांज अनुज कुमार तालियान ❤️💪
वर्ल्ड बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप 100 + में फिर से छुर गांव के अनुज तालियान बने #mrwolrd ❤️

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भोपाल में चल रही 65वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में बेटे समीर गुलिया ने 7(4 गोल्ड 3 सिल्वर) मैडल जीते तो वहीं उनकी मां अनिता गुलिया ने भी 1 गोल्ड मैडल अपने नाम किया 💪❤️

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किसान मसीहा बाबा Chaudhary Naresh Tikait जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ
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