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I believe that no one is ready to be a mother, not at 15, or at 23, or at 30, if that baby came into your life it is for something and it comes with a purpose😍😍
#newborn #baby #cutebaby

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ऑपरेशन के बाद अपनी बहन से मिले बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव
बोली "मेरी बहन रोहिणी ने दी अटूट प्रेम, असीम त्याग की मिसाल"
#bihar #deputycm #tejashwiyadav #after #operation #meet #sister

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ऑपरेशन के बाद अपनी बहन से मिले बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव
बोली "मेरी बहन रोहिणी ने दी अटूट प्रेम, असीम त्याग की मिसाल"
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ऑपरेशन के बाद अपनी बहन से मिले बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव
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सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी और उनकी मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी, कांग्रेसी नेता पर केस दर्ज
#pmmodi | #madhyapradesh | #congress

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1000 रुपए महीना थी आमिर खान की पहली सैलरी, अब एक दिन में ही कर लेते हैं इससे 3347 गुना कमाई
एंटरटेनमेंट डेस्क. मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से मशहूर आमिर खान (Aamir khan) की मानें तो उनकी पहली सैलरी 1000 रुपए थी और वह उस जमाने में उनके लिए पर्याप्त हुआ करती थी। 57 साल के आमिर खान ने एक हालिया इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया है। इस दौरान उन्होंने स्टारडम मिलने के बाद की अपनी जिंदगी पर भी बात की और कहा कि उन्होंने जिस अनुभव का सामना किया, उसके चलते उनका जेना मुश्किल हो गया था।

'क़यामत से क़यामत तक' से हुआ डेब्यू

आमिर खान ने 1988 में रिलीज हुई फिल्म 'क़यामत से क़यामत तक' (Qayamat Se Qayamat Tak) से बतौर लीड हीरो बॉलीवुड में डेब्यू किया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस (Box Office) पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई और इसने आमिर को रातोंरात स्टार्स की कतार में खड़ा कर दिया। फिल्म का निर्देशन आमिर खान के चचेरे भाई मंसूर खान (Mansoor Khan) ने किया था और जूही चावला (Juhi Chawla) इसमें आमिर की हीरोइन थीं। आमिर के मुताबिक़, इस फिल्म की रिलीज के बाद उन्हें फैन्स का ढेर सारा प्यार मिला। लोगों ने फिल्म और उनके काम की जमकर तारीफ़ की। वे जहां जाते, लोग उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने और ऑटोग्राफ लेने के लिए लाइन लगा लेते। लेकिन शर्मीले होने की वजह से वे इन सब पर ध्यान देना पसंद नहीं करते थे।
बकौल आमिर, "जब भी दिल्ली जाता था तो होटल में रुकता था। जैसे ही मैं कमरे में एंटर होता, मेरा फोन बज उठता। पहले ऑपरेटर बात करता और फिर उसकी पूरी टीम बात करने के लिए लाइन में लग जाती। उसके बाद होटल स्टाफ और उनकी फैमिलीज का आना शुरू हो जाता। मेरा जीना मुश्किल हो गया था। इसलिए मैंने इन सबसे भागना शुरू कर दिया। क्योंकि मैं शर्मीला हूं और तारीफ़ पाने का आदी नहीं हूं।"

अवॉर्ड्स की चिंता नहीं थी : आमिर खान

आमिर के मुताबिक़, उनकी डेब्यू फिल्म 'क़यामत से क़यामत तक' को 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स मिले थे, जबकि वे इस फिल्म की शूटिंग के दौरान हो रहे अनुभव को लेकर चिंतित थे। वे कहते हैं, "मुझे अवॉर्ड्स की परवाह नहीं। ऐसा नहीं बोलना चाहिए, लेकिन मुझे अवॉर्ड्स को लेकर डाउट था। उन्हें पाना मेरे लिए बड़ा मोमेंट नहीं था। लेकिन फिल्म मेकिंग के दौरान जो एक्सपीरियंस हुआ, वह मेरे लिए ज्यादा मायने रखता था। मंसूर बहुत अच्छे डायरेक्टर हैं। उनका दिमाग बहुत अच्छा है।मेरी ग्रोथ बहुत तेजी से हुई। फिल्म के सेट पर मैं सिर्फ उनका एक्टर नहीं था, बल्कि फर्स्ट असिस्टेंट डायरेक्टर भी था। मैंने एक महीने में 1000 रुपए कमाए, जो उस समय मेरे लिए काफी थे।"

100 करोड़ से ज्यादा लेते हैं फीस

कभी 1000 रुपए कमाने वाले आमिर खान आज की तारीख में एक फिल्म के लिए पहली कमाई से एक लाख गुना रुपए चार्ज करते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक़, उनकी प्रति फिल्म फीस लगभग 100 से 120 करोड़ रुपए होती है। बताया जाता है कि अपनी पिछली फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' के लिए आमिर खान ने लगभग 100 करोड़ रुपए चार्ज किए थे।

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