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आज है निर्जला एकादशी, जानें मुहूर्त, पारण समय, व्रत और पूजा विधि
हस्थ लोगों के लिए निर्जला एकादशी व्रत (Nirjala Ekadashi) आज है. आज बिना जल ग्रहण किए व्रत रखना होता है. आइए जानते हैं निर्जला एकादशी के मुहूर्त, मंत्र, पारण समय, व्रत और पूजा विधि के बारे में.
निर्जला एकादशी पारण का समय
जो लोग आज निर्जला एकादशी व्रत हैं, वे अगले दिन 11 जून को दोपहर 01:19 बजे से शाम 045 बजे के बीच व्रत का पारण करेंगे.
कब से कब तक पानी नहीं पीना
निर्जला एकादशी व्रत में एकादशी तिथि के सूर्योदय से द्वादशी तिथि के सूर्योदय तक पानी नहीं पीना है. ऐसा वेद व्यास जी ने भीम से कहा था. ऐसा करने से वर्ष के समस्त एकादशी व्रतों का पुण्य प्राप्त होता है.
व्रत और पूजा विधि
1. आज प्रात: स्नान के बाद हाथ में जल लेकर निर्जला एकादशी व्रत और पूजा का संकल्प लें. उसके बाद पूजा स्थान पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर को स्थापित करें.
2. अब आप पंचामृत से भगवान विष्णु का अभिषेक करें. फिर उनको पीले फूल, अक्षत्, चंदन, हल्दी, पान का पत्ता, सुपारी, शक्कर, फल, धूप, दीप, गंध, वस्त्र आदि अर्पित करें. इस दौरान ओम नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का उच्चारण करें.
3. इसके बाद विष्णु चालीसा, विष्णु सहस्रनाम और निर्जला एकादशी व्रत कथा का पाठ करें. फिर पूजा का समापन भगवान विष्णु की आरती से करें. उनसे मोक्ष प्रदान करने की प्रार्थना करें.
4. दिनभर आपको कुछ नहीं खाना है और न ही जल पीना है. स्वास्थ्य समस्या है, तो व्रत न रखें. अगले दिन सुबह स्नान करने के बाद विष्णु पूजा करें.
5. ब्राह्मणों को दान दक्षिण दें. फिर पारण के समय में जल और भोजन ग्रहण करके व्रत को पूरा करें. ऐसा करने से आपको सभी एकादशी व्रतों का पुण्य मिलेगा, जैसे भीम ने इस व्रत को करके प्राप्त किया था.