image

image

image

image

image

image

imageimage
40 w - übersetzen

परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर वृंदावन से पधारे कथावाचक पंडित धर्मेंद्र उपाध्याय शास्त्री जी के श्रीमुख से राम कथा एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का दिव्य, भावपूर्ण एवं भक्तिमय वर्णन हुआ।
इस शुभ अवसर पर अपने पौत्र अविक के नन्हे कान्हा के अवतार के साथ वासुदेव जी का पात्र बनने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस शुभ घड़ी में परिवार के सभी सदस्यों ने पीतांबर धारण कर श्रद्धा भाव से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया।
क्षेत्र से बड़ी संख्या में पधारे श्रद्धालुओं ने कथा में सम्मिलित होकर इस क्षण को अविस्मरणीय बनाया तथा साथ ही पुण्य लाभ लेकर स्वयं को धन्य किया।

image
40 w - übersetzen

परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर वृंदावन से पधारे कथावाचक पंडित धर्मेंद्र उपाध्याय शास्त्री जी के श्रीमुख से राम कथा एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का दिव्य, भावपूर्ण एवं भक्तिमय वर्णन हुआ।
इस शुभ अवसर पर अपने पौत्र अविक के नन्हे कान्हा के अवतार के साथ वासुदेव जी का पात्र बनने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस शुभ घड़ी में परिवार के सभी सदस्यों ने पीतांबर धारण कर श्रद्धा भाव से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया।
क्षेत्र से बड़ी संख्या में पधारे श्रद्धालुओं ने कथा में सम्मिलित होकर इस क्षण को अविस्मरणीय बनाया तथा साथ ही पुण्य लाभ लेकर स्वयं को धन्य किया।

image
40 w - übersetzen

परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर वृंदावन से पधारे कथावाचक पंडित धर्मेंद्र उपाध्याय शास्त्री जी के श्रीमुख से राम कथा एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का दिव्य, भावपूर्ण एवं भक्तिमय वर्णन हुआ।
इस शुभ अवसर पर अपने पौत्र अविक के नन्हे कान्हा के अवतार के साथ वासुदेव जी का पात्र बनने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस शुभ घड़ी में परिवार के सभी सदस्यों ने पीतांबर धारण कर श्रद्धा भाव से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया।
क्षेत्र से बड़ी संख्या में पधारे श्रद्धालुओं ने कथा में सम्मिलित होकर इस क्षण को अविस्मरणीय बनाया तथा साथ ही पुण्य लाभ लेकर स्वयं को धन्य किया।

imageimage