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क्या आपने कभी 15 करोड़ रुपये की किताब देखी है?
पटना बुक फेयर में सामने आई एक ऐसी ही रहस्यमयी किताब ने सबको चौंका दिया है। इस किताब का नाम है ‘मैं’, जिसे लेखक रत्नेश्वर ने लिखा है।
दावा है कि 408 पन्नों की इस किताब का ज्ञान उन्हें मात्र 3 घंटे 24 मिनट में प्राप्त हुआ, जब उन्होंने ब्रह्मलोक की यात्रा का आध्यात्मिक अनुभव किया।
लेखक का कहना है कि इस ग्रंथ में वो बातें हैं जो रामायण, महाभारत, वेद, उपनिषद, बाइबल और कुरान में भी नहीं मिलतीं।
2014 में एक घातक सैन्य दुर्घटना में लेफ्टिनेंट कर्नल द्वारकेश चंद्रशेखरन की आंखों की रोशनी चली गई। कई लोगों ने मान लिया कि उनका करियर अब खत्म हो गया है।
लेकिन सिर्फ आठ महीने के इलाज के बाद उन्होंने सहायक तकनीक के सहारे फिर से सक्रिय सेवा में वापसी की और पूरी तरह दृष्टिवान अधिकारियों के बराबर प्रदर्शन किया।
वह भारत की सशस्त्र सेनाओं के पहले ऐसे अधिकारी बने जो पूरी तरह नेत्रहीन होकर भी ड्यूटी पर तैनात हैं।
Freedom fighter, thinker, intellectual, statesman…these are some descriptions that come to the mind when one recalls Shri C. Rajagopalachari. Tributes to him on his birth anniversary. He remains one of the sharpest minds of the 20th century, who believed in creating value and upholding human dignity. Our nation remembers his enduring contributions with gratitude.
स्वस्थ भारत की नींव, मजबूत मेडिकल शिक्षा! 🇮🇳🩺
मोदी सरकार के संकल्प से देश में डॉक्टरों की नई पीढ़ी हो रही तैयार — तेजी से बढ़ रहे मेडिकल कॉलेज, MBBS सीटें और PG के अवसर।
2014 से 2025 तक:
🔹 मेडिकल कॉलेजों की संख्या में दो गुना से अधिक वृद्धि
🔹 MBBS सीटों में ऐतिहासिक विस्तार
🔹 PG सीटों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी