image
45 w - Traduire

ठाकुर राधापिय जू के पाटोत्सव की बधाई हो!

image
45 w - Traduire

बारह अगस्त उन्नीस सौ अड़तालीस,
वेम्बली का मैदान था गवाह,
हाल ही में आज़ाद हुआ भारत,
और सामने था सदियों का इतिहास।

विभाजन के घाव अभी ताज़ा थे,
घर उजड़े, चेहरे सूने थे,
पैसे कम, साधन कमज़ोर,
पर इरादे हिमालय जैसे मज़बूत थे।

पहली बार पहनी थी भारत की जर्सी,
दिल में था तिरंगे का मान,
किशन लाल की कप्तानी में उतरे,
जैसे रण में उतरे हों वीर जवान।

बलबीर के पैरों में थी बिजली,
गोल पर गोल बरसाते गए,
त्रिलोचन और पैट भी,
विजय के दीप जलाते गए।

चार - शून्य, और ब्रिटेन स्तब्ध,
दर्शकों में खामोशी छा गई,
जब तिरंगा ऊँचा लहराया,
तो हवा भी जैसे गुनगुनाने लगी।

राष्ट्रगान के सुरों में,
हज़ारों दिल धड़क रहे थे,
और बलबीर की आँखों में
आज़ादी के असली मायने चमक रहे थे।

वो जीत सिर्फ़ हॉकी की नहीं थी,
वो जीत आत्मसम्मान की थी,
वो पल आज भी कहता है
तिरंगे के आगे, हर जीत छोटी है...!!

image
45 w - Traduire

भुल्ली हो गई जूते के जगह पैंट उतार दी 🙈🙉🙊

image
45 w - Traduire

क्या से क्या हो गया मोदी जी साभार किसी को जोकर किसी को चिम्पांजी किसी को छक

image
45 w - Traduire

एक चीज पूछना था कि जया बच्चन को संसद की नहीं अच्छे इलाज़ की जरूरत है 🤣😂🤣
क्या आप लोग कुछ सलाह देंगे 😅😅

image
45 w - Traduire

गर्व है मणिपुर मोदी महिला अंगरक्षक पर🔥🫡

मणिपुर की *अदासो कपेसा।* मोदी की पहली महिला अंगरक्षक। भारत के इतिहास में पहली बार प्रधानमंत्री की सुरक्षा में एक महिला अंगरक्षक की नियुक्ति की गई है। इस महिला अधिकारी का नाम *अदासो कपेसा* है। अदासो कपेसा मणिपुर के सेनापति जिले के कैबी गांव की निवासी हैं। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद, उन्होंने कभी अपने लक्ष्यों को नहीं खोया। एसपीजी में शामिल होने से पहले, अदासो कपेसा पिथौरागढ़ में *सशस्त्र सीमा बल* की 55वीं बटालियन में एक इंस्पेक्टर थीं। वहां भी, उन्होंने अपने काम में उच्च स्तर की प्रतिबद्धता और अनुशासन दिखाया। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप में चयनित होना भारत में सबसे कठिन चयन प्रक्रियाओं में से एक है। अदासो को प्रतिनियुक्ति पर एसपीजी भेजा गया था, जहाँ उन्होंने कठोर कमांडो प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के दौरान उनका प्रदर्शन इतना उत्कृष्ट था कि उन्हें पीएम की सुरक्षा टीम में नियुक्त किया गया वह हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

image
45 w - Traduire

गजब !!!!
15000 लड़कियों ने एक ही दुकान से राखी खरीदी थी, या तान सर खुद 15000 राखी खरीदवा के मंगाई थी 🤔
मीडिया में न्यूज़ में ख़बर चल रही दो दिनों से कि खान सर को 15 हजार से भी ज्यादा लड़कियों ने राखी बांधी।
अगर मान लिया जाए कि एक राखी 10 सेकंड में बांधी गई तो।
10 सेंकेड X 15000 राखियां =150000सेंकेंड
150000सेंकेड ÷ 60 मिनट =2500मिनट
2500मिनट ÷ 60मिनट =41.66 घंटे
तकरीबन 42 घंटे
यानी महोदय को 42 घंटे राखी बांधी गई।
गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स वालों को इसपर ध्यान देना चाहिए।
बाकी आप लोगों के पास यह सब सोचने समझने गुणा गणित करने का समय है नहीं बाकी प्रेम सौहार्द अमन शांति गंगा जमुनी तहज़ीब भाईचारे की लहर में गोता लगाइए।
आप सबका मानसिक स्तर यंहा तक पहुंच नहीं पाएगा ना सोच पाएगा इसीलिए तो आप महान हो।

image
45 w - Traduire

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सियाथी गांव में एक पालतू कुत्ते की समझदारी और सतर्कता ने 63 लोगों की जान बचा ली। 29 जून की रात को करीब 1 बजे जब क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी, ललित कुमार अपने घर में सो रहे थे। उनका डॉग रॉकी भी घर के नीचे वाले हिस्से में था।
अचानक रॉकी ज़ोर-ज़ोर से भौंकने और रोने लगा, जैसे किसी खतरे का संकेत दे रहा हो।ललित ने बताया, "मैं उसकी अजीब आवाज़ से जागा। जब नीचे गया तो देखा कि दीवार में बड़ी दरार पड़ गई है और पानी तेजी से अंदर आ रहा है।"
इस चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए ललित ने तुरंत अपने कुत्ते को उठाया और परिवार के बाकी लोगों को जगाया। फिर वह घर-घर जाकर पड़ोसियों को भी सतर्क करने लगे। ऊंचाई पर बने अपने घर से उन्हें दिख रहा था कि किस तरह मलबा और पानी पूरे गाँव की तरफ बढ़ रहा है।
लालित की सतर्कता और रॉकी की समय पर चेतावनी से गाँव की सभी 22 परिवार जाग गए और समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुँच पाए। लोगों को अपने घर और सामान छोड़ने पड़े, लेकिन इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।
स्थानीय लोग रॉकी की बहादुरी और लालित की तत्परता की खूब तारीफ कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर रॉकी समय रहते नहीं चेताता, तो यह हादसा बड़ा जानलेवा हो सकता था। अब रॉकी को गांव में एक ‘हीरो’ का दर्जा मिल गया है, और सभी उसे प्यार से 'जांबाज़ रॉकी' कहकर पुकार रहे हैं।

image
45 w - Traduire

इतिहास का सबसे दिलचस्प नजारा...दो मिनट की ये पोस्ट आश्चर्यचकित कर देगी..अंत तक जरुर पढ़े🧵

1. 2007 की एक बैठक में, व्लादिमीर पुतिन अपने कुत्ते को जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के सामने ले आए, जिन्हें कुत्तों से डर लगता है।

image