ਮੂਸੇਵਾਲੇ ਦੇ ਜਨਮਦਿਨ 'ਤੇ ਨਹੀਂ ਦੇਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਮਾਂ ਦਾ ਹਾਲ
ਪੁੱਤ ਸਿੱਧੂ ਨੂੰ ਚੇਤੇ ਕਰ ਕੇ ਮਾਂ ਚਰਨ ਕੌਰ ਦੇ ਨਿਕਲੇ ਹੰਝੂ, ਵੇਖੋ ਤਸਵੀਰਾਂ
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ਮੂਸੇਵਾਲੇ ਦੇ ਜਨਮਦਿਨ 'ਤੇ ਨਹੀਂ ਦੇਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਮਾਂ ਦਾ ਹਾਲ
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एक हजार साल का सर्वश्रेष्ठ गीत यानि सॉन्ग ऑफ मिलेनियम 'एक प्यार का नगमा है...' लिखने वाले महान गीतकार संतोष आनंद जी का जन्म 5 मार्च 1929 में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के सिकंद्राबाद में हुआ था। संतोष आनंद जी बीते साल खूब चर्चा में रहे, जब वह इंडियन आइडल के मंच पर पहुंचे।
मंचों के कवि संतोष आनंद जी की कलम ने जब हिंदी सिनेमा के लिए लिखना शुरू किया था तो पहला गाना निकला 'पुरवा सुहानी आई रे....'! 1970 में आई मनोज कुमार, सायरा बानो और अशोक कुमार की फिल्म पूरब और पश्चिम का यह गाना हमेशा हमेशा के लिए फैंस की जुबां पर स्थापित हो गया। इसके बाद उनकी कलम ने वो गाना लिखा जिसे सॉन्ग ऑफ मिलेनियम कहा गया। 1972 में आई मनोज कुमार, जया बच्चन और प्रेम नाथ की फिल्म शोर का गाना 'एक प्यार का नगमा है, मौजों की रवानी है, जिंदगी और कुछ भी नहीं, तेरी मेरी कहानी है।'
लेकिन क्या आपको पता है कि संतोष आनंद जी ने ये मशहूर गीत 'इक प्यार का नगमा है, मौजों की रवानी है...' किसके लिए लिखी थी। साल 2019 में पटना के एक कवि सम्मेलन में संतोष आनंद जी ने इस बात का खुलासा किया था कि उन्होंने इस सदाबहार गाने को किस खास इंसान के लिए लिखा था। संतोष आनंद जी ने बताया था कि ये गाना उन्होंने अपनी प्रेमिका के लिए लिखा था।
गुरु बड़ा या वकील...??
एक वकील ने अपना कुआँ एक शिक्षक को बेच दिया दो दिन बाद वकील शिक्षक के पास आया और बोला सर मैंने आपको कुआँ बेचा है लेकिन इसमें भरा हुआ पानी नहीं बेचा अगर आप पानी का इस्तेमाल करना चाहते हैं
तो आपको अतिरिक्त पैसे देने होंगे
शिक्षक ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया हाँ मैं आपके पास आने ही वाला था मैं आपसे कहने ही वाला था कि आप अपना पानी मेरे कुएँ से निकाल लीजिए नहीं तो आपको कल से कुएं में पानी रखने का किराया देना पड़ेगा
यह सुनकर वकील घबरा गया और बोला
अरे मैं तो मज़ाक कर रहा था
शिक्षक हँसा और बोला बेटा तुम जैसे कितने ही बच्चों को मैंने पढ़ाकर वकील बनाया है
गुरु गुरु होता है....
ਇਤਿਹਾਸ 'ਚ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਨੇਪਾਲ ਫ਼ੌਜ 'ਚ ਸਿੱਖਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲੀ ਨੁਮਾਇੰਦਗੀ
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