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#अखिलेश_यादव_प्रतापगढ़_में #क्षत्रियों का इतिहास बता रहे थे। अरे तुम क्या जानो #क्षत्रियों का इतिहास, #राजपूतों का हाथ पकड़कर तुम्हारे बाप #मुलायम सिंह यादव राजनीति में आगे बढ़े थे। #चौधरी चरण सिंह , #चंद्रशेखर जी का और #वीपी. सिंह जी का हाथ पकड़कर राजनीति में आगे बढ़े। जब #मुलायम सिंह ने #समाजवादी पार्टी की स्थापना की तो उस समय पार्टी को चलाने के लिए पैसे की आवश्यकता थी ।तो उस समय एक राजपूत अमर सिंह ने सबसे ज्यादा तुम्हारी पार्टी को चंदा दिया और पार्टी की स्थापना में सक्रिय भूमिका निभायी । तुम्हारे पढ़ने से लेकर शादी तक की व्यवस्था अमर सिंह ने किया ।लेकिन तुम लोग उस अमर सिंह के भी नहीं हुए। तुम क्या वचन निभाना जानो क्षत्रिय जिसके साथ रहता है ,उसके साथ दिल खोलकर रहता है। तुम्हारी इतनी औकात नहीं है कि तुम राजा भैया और ब्रजभूषण शरण सिंह को हाथ भी लगा सको। तुम अपना इतिहास देखो ,क्षत्रियों का इतिहास बताने की जरूरत नहीं है ।जो अपने बाप और सगा चाचा का नहीं हुआ वह किसी और का क्या होगा। भारत एक लोकतांत्रिक देश है मर्यादा में रहकर चुनाव प्रचार करो, लोकतंत्र का सम्मान करो। तुम को देखने से ही लगता है कि तुम्हारे अंदर घमंड कूट-कूट कर भरा है। बिना मेहनत के मुख्यमंत्री की कुर्सी पा गए तुम क्या जानोगे कि राजपूतों ने मुलायम सिंह यादव के लिए क्या नहीं किया। चंद्रशेखर जी के अंगुली पकड़ कर मुलायम सिंह ने राजनीति का ककहरा सीखा और उनके बेटे नीरज शेखर का तुमने बलिया से टिकट काट दिया ।तुम लोग सवर्णों को केवल दिखाने के लिए अपने साथ रखते हो।
नोट-यह पोस्ट व्यक्ति विशेष, परिवार विशेष के लिए किया गया है तो कृपया यहां इस पोस्ट को जातिवादी रंग देकर मूर्खता का परिचय न दें।
साभार सोशल मीडिया 👏