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Dogesh 🐶 bhaiya tak to thik tha until I saw that cat 🐈

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|| कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के बीच रॉबर्ट वाड्रा का बचाव किया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से मौजूदा सरकार उन्हें परेशान कर रही है। जानिए राहुल गांधी ने और क्या कहा रॉबर्ट वाड्रा और ईडी के केस पर।

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|| सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म 'निकिता रॉय' रिलीज हो गई है। यह एक सस्पेंस से भरी हॉरर फिल्म है। सोनाक्षी सिन्हा

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PM मोदी के सामने सीएम नीतीश ने कर दी बड़ी घोषणा, 1 करोड़ नौकरी और रोजगार का वादा!
मुख्यमंत्री ने मोतिहारी में पीएम मोदी के स्वागत के दौरान ऐलान किया कि अगले 5 साल में बिहार के 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार दिया जाएगा। साथ ही 125 यूनिट मुफ्त बिजली और पेंशन में बढ़ोतरी की भी घोषणा की।

#nitishkumar #pmmodi #biharjobs #employmentpromise #biharpolitics

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मोतिहारी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस-राजद गठबंधन पर तीखा हमला बोला और उन पर अपने परिवारों के अलावा पिछड़े वर्गों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने 7,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया, चार अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 12,000 लाभार्थियों को आवास की चाबियाँ सौंपीं।

एनडीए के विकास के दृष्टिकोण पर ज़ोर देते हुए, मोदी ने कहा, "बनाएँगे नया बिहार, फिर एक बार एनडीए सरकार," और दोहराया कि उपेक्षित गाँव अब भारत के "प्रथम गाँव" बन रहे हैं।

#pmmodi #biharelections2025 #nda

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिजनौर के रास्ते में आम की खरीदारी ।
बगीचे का आम ।

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिजनौर के रास्ते में आम की खरीदारी ।
बगीचे का आम ।

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिजनौर के रास्ते में आम की खरीदारी ।
बगीचे का आम ।

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भिंड से भास्कर की लाजवाब न्यूज ✅🫡
कलेक्टर को सैल्यूट 🫡 साधुवाद ♥️♥️
कक्षा 2 के बच्चे की किताबों पर 2130 रुपए: मजदूर की आवाज़ और डीएम का न्यायपूर्ण फैसला 👏📚
आज जब शिक्षा को मौलिक अधिकार घोषित किया गया है, तब भी कई बार ज़मीनी हकीकत इससे बिलकुल उलट दिखाई देती है। ऐसा ही एक मामला हाल ही में सामने आया, जिसने हर संवेदनशील दिल को झकझोर कर रख दिया।
एक गरीब मजदूर अपने छोटे से बेटे के लिए किताबें खरीदकर जिला कलेक्टर के पास पहुंचा। बच्चा अभी कक्षा 2 में पढ़ता है और स्कूल की तरफ से उसकी पढ़ाई के लिए किताबें सुझाई गई थीं। मजदूर ने बताया कि उसने अपने खून-पसीने की कमाई से 2130 रुपए में ये किताबें खरीदी हैं। इतना पैसा एक दिन या एक हफ्ते की कमाई नहीं, बल्कि कई दिनों की मेहनत का निचोड़ है।
मजदूर की आंखों में बेबसी थी, लेकिन दिल में अपने बच्चे को पढ़ाने की चाहत। वह सिर्फ ये पूछने आया था कि क्या वाकई कक्षा 2 के लिए इतनी महंगी किताबें ज़रूरी हैं?
कलेक्टर ने मजदूर की बात गंभीरता से सुनी और तुरंत कार्रवाई करते हुए स्कूल की मान्यता सस्पेंड करने का आदेश दिया। 👏👏✅🫡
उनका कहना था कि शिक्षा को व्यापार का साधन नहीं बनने दिया जा सकता। इस फैसले ने यह साबित कर दिया कि अभी भी ऐसे अफसर हैं जो आम आदमी की आवाज़ सुनते हैं और उस पर तुरंत न्यायसंगत कदम उठाते हैं।
एक डीएम जिसने दिल जीत लिया🥰🥰
इस फैसले के पीछे सिर्फ कानून नहीं, बल्कि एक संवेदनशील सोच और इंसानियत थी। डीएम ने सिर्फ एक स्कूल की मान्यता रद्द नहीं की, बल्कि पूरे सिस्टम को एक सख्त संदेश दिया कि शिक्षा का व्यवसायीकरण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डीएम साहब की सराहनीय कदम की असलियत में सराहना करते हैं ♥️ 👏
जय हिन्द जय भारत 🇮🇳❤️🫡

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